Farmers and brokers worried due to bad weather
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जगाधरी। मौसम के बदले मिजाज ने फिजा में ठंडक घोल दी। शनिवार सुबह से आसमान पर छाए बादलों को देख किसानों के चेहरे पर चिंता की रेखाएं बन गई। इस दौरान सुबह चंद मिनट बूंदाबांदी हुई, लेकिन बारिश न होने से राहत रही। जबकि पूरा दिन घने बादल छाए रहे। धूप न निकलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं मौसम ने किसानों व अनाज मंडी आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी। अभी जिले में धान की कटाई चल रही है। अभी कुल रकबे में से 50 प्रतिशत की कटाई भी नहीं हो पाई है। यदि बारिश होती है खेतों में लहरा रही पकी धान को भारी नुकसान होगा। वहीं इस बेमौसमी बारिश से गन्ने व सब्जियों की फसल को भी हानि पहुंचेगी। ऐसे में सभी फसलों के उत्पादक किसान चिंतित हैं और बारिश न होने की दुआ कर रहे हैं। जबकि मौसम विभाग ने सोमवार तक बारिश की संभावना जताई है। शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे और धूप न निकलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
खुले में पड़ी हजारों धान की बोरियां
धान का सीजन पूरे जोरों पर है। हर दिन सैकड़ों किसान फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। मंडियों में आवक की अपेक्षा उठान बहुत धीमा है। उठान न होने के कारण मंडियों में शेड भर चुके हैं। ऐसे में धान की हजारों बोरियां मंडी के फड़ पर खुले में पड़ी हैं। बोरियों से अटी मंडी में किसानों को धान रखने की जगह नहीं मिल रही है। जिस कारण उन्हें सड़क पर धान रखनी पड़ रही है। वहीं शनिवार को बादल छाने और बारिश की संभावना के चलते किसान मंडी में फसल लेकर तो पहुंचे, लेकिन सुखाने के लिए नहीं डाली। चूंकि बारिश की संभावना थी, यदि बारिश होती तो फसल और ज्यादा गीली हो जाती।
नहीं तिरपाल की व्यवस्था
मंडी में धान की हजारों बोरियां खुले में पड़ी है। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताई गई है। बावजूद इसके मंडी में बारिश से धान बचाने के पूरे प्रबंध नहीं है। शनिवार को सुबह से ही बादल छाए हुए थे, गनीमत रही कि बारिश नहीं हुई। यदि बारिश होती तो हजारों बोरियां भीग जाती। आढ़तियों का कहना है कि उनके पास अपने स्तर पर बंदोबस्त तो है, लेकिन ज्यादा धान पड़ी होने से सभी आढ़ती मिलकर भी इसे ढक नहीं पाएंगे।
मंडी में उठान लगातार जारी है। परंतु आवक ज्यादा हो रही है, जिस कारण ऐसी स्थिति बन गई है। उठान में किसी प्रकार की ढिलाई व कोताही नहीं है। इसके लिए सभी खरीद एजेंसियों को इसमें और तेजी लाने के लिए कहा गया है। बारिश से धान बचाने के लिए मंडी व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
-ऋषिराज, सचिव, मार्केट कमेटी।