संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले को 31 अगस्त तक बेसहारा गोवंश मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी भी शहर की कॉलोनियों से लेकर गांवों की गलियों में गोवंश घूम रहा है। नगर निगम के पास गोवंश को पकड़ने के लिए संसाधनों का अभाव है। ऐसे में शहर भी गोवंश से मुक्त नहीं हो पा रहा।
नगर निगम अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सालभर में 1000 गोवंशों को गोशाला में पहुंचाया जा चुका है। अभी भी शहर में ही 800 से अधिक गोवंश घूम रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में तो और भी ज्यादा बुरा हाल है। गांवों में इनकी संख्या चार से पांच हजार होगी। पूरे जिले में 6000 के करीब गोवंश घूम रहे हैं।
गोवंश सड़कों पर बैठे रहते हैं या फिर गलियों में घूमते रहते हैं। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार इनसे हादसा होने की संभावना रहती है। कुछ दिन पहले साढौरा में अज्ञात वाहन की सड़क पर बैठे गाेवंश से टक्कर हो गई थी। हादसे में गोवंश की मौत भी हुई थी। सबसे ज्यादा दिक्कत रात के समय होती है। रात में गोवंश दिखाई नहीं देता और हादसा हो जाता है। किसानों का कहना है कि गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह खेतों में जाकर फसलों को न केवल खाते हैं बल्कि उजाड़ भी रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है कि बेसहारा गोवंश की वजह से काफी नुकसान हो रहा है। गोवंश फसलों को उजाड़ देते हैं। इसलिए इन्हें पकड़ कर गोशाला में पहुंचाया जाए।
नगर निगम के पास गोवंश को पकड़ने के लिए केवल एक ही गाड़ी है। इसी गाड़ी पर पांच-छह कर्मचारियों की मदद से गोवंश को पकड़ा जाता है। 11 अगस्त को हुई नगर निगम सदन की बैठक में सीएसआई ने शहर को गोवंश मुक्त करने के लिए एक और गाड़ी व पांच छह कर्मचारी मांगे थे।
दोनों गाड़ियों की मदद से 24 घंटे अभियान चलाकर ही 31 अगस्त तक शहर को गोवंश मुक्ति किया जा सकता है। वहीं व्यासपुर, साढौरा, छछरौली, प्रतापनगर, सरस्वतीनगर, रादौर व जठलाना में भी बहुत ज्यादा गोवंश हैं। ग्राम पंचायत व्यासपुर ने तीन दिन गोवंशों को पकड़ कर गोशाला में पहुंचाया है।
अभियान चलाकर सभी गोवंश को पकड़ कर गोशाला में पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। काफी लोग अपने पालतू गोवंश को चरने के लिए सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिन पर 5100 रुपये जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। प्रयास यही है कि जल्द सभी गोवंश को गोशाला में पहुंचा दिया जाए। - अखिल पिलानी, आयुक्त, नगर निगम।
सिविल अस्पताल में झूमते बेसहारा गोवंश। संवाद