संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से करीब 47 लाख रुपये का बजट मिल गया है। यह राशि स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दी है। उम्मीद है जल्द ही ट्रामा सेंटर में काम शुरू हो जाएगा।
ट्रामा सेंटर को जमीन से आधा फीट ऊपर उठाने की भी योजना है। ट्रामा सेंटर को ऊंचा उठाने पर ही कई लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। साथ ही ट्रामा सेंटर की मरम्मत होगी और इसमें अग्निकांड से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। यह उपकरण अग्निकांड होने पर अपने आप ही एक्टिवेट हो जाएंगे, जिससे आग पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा।
जिला अस्पताल का 200 बेड का नया भवन 105 करोड़ रुपये से गत वर्ष ही बनकर तैयार हुआ था। अस्पताल का नया भवन बनाने के साथ ही इसके आसपास के खाली परिसर में इंटरलॉक टाइलें लगाई गई थी। अस्पताल के बी ब्लॉक के साथ ही ट्रामा सेंटर भी बना हुआ है।
जिला अस्पताल तो जमीन से अब करीब तीन फीट ऊंचा हो गया है। इंटरलॉक टाइलें लगने से ट्रामा सेंटर नीचा रह गया है। ऐसे में बारिश होने पर इसमें पानी घुसने का खतरा रहेगा। जिससे मेडिकल उपकरणों को भी नुकसान होने की संभावना है। इसलिए ट्रामा सेंटर को ऊंचा उठाने का निर्णय स्वास्थ्य विभाग ने लिया था।
ट्रामा सेंटर को ऊंचा उठाने के साथ ही इसमें कई जगह तोड़फोड़ भी होगी। अंदर पहले से बनी कई दीवारों को हटाया जाएगा। साथ ही शौचालयों की मरम्मत भी होगी। ट्रामा सेंटर में अब केवल इमरजेंसी सेवा ही मरीजों को दी जाएगी। मरम्मत के चलते ट्रामा सेंटर को पहले ही जिला नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट किया जा चुका है।
ट्रामा सेंटर में चल रहा एक्सरे रूम को भी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। ट्रामा सेंटर में सबसे जरूरी आधुनिक फायर सेफ्टी यंत्रों का होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब इसमें मरीज भर्ती रहते थे तो इसमें दो बार आग लग चुकी है। एक बार तो ऑपरेशन थियेटर में ही आग लग गई थी।
ट्रामा सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग से बजट मिल गया है। बजट एस्टीमेट को मुख्यालय भेजा हुआ है। जल्द ही इसे स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। - नवीन खत्री, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।