संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के जिन 48 पार्कों पर आरडब्ल्यूए या अन्य कोई संस्था नहीं है, उनकी देखरेख व मरम्मत का कार्य नगर निगम ठेके पर करने जा रहा है। इसके लिए ई टेंडर बाद एजेंसी को ठेका भी अलॉट कर दिया है। एजेंसी को भी आरडब्ल्यूए व अन्य संस्थाओं की तरह पार्कों की देखरेख व मरम्मत के लिए पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नगर निगम खर्च राशि का भुगतान करेगा।
अफसरों की मानें तो पार्कों का काम इसी सप्ताह एजेंसी संभालेगी, जिसके बाद बदहाल पड़े ज्यादातर पार्कों के हालत बदलते नजर आएंगे। ज्ञात हो कि नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के अंतर्गत 94 पार्क हैं। इनमें 46 पार्कों की देखरेख आरडब्ल्यूए या अन्य संस्थाओं व संगठनों के अधीन हैं, जिसके लिए उन्हें नगर निगम पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से खर्च दे रहा है।
इसके अलावा 48 पार्क ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक आरडब्ल्यूए या अन्य संस्थाओं व संगठनों ने गोद नहीं लिया। इन पार्कों में ज्यादातर के हालात बिगड़े हैं। ऐसे पार्कों में सफाई न होने से गंदगी का आलम है, वहीं कई पार्कों में सैर के लिए फुटपाथ, रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले व बड़ों के लिए ओपन जिम सहित पेयजल जैसी सुविधाएं नहीं हैं। इन पार्कों का मुद्दा सदन बैठकों में भी गूंजता रहा। इस पर नगर निगम की ओर से ऐसे पार्कों की देखरेख व मरम्मत एजेंसी से ठेके पर कराने का फैसला लिया गया।
आरडब्ल्यूए और संस्था के लिए विकल्प खुला
एजेंसी के हिस्से आए 48 पार्कों में किसी पार्क की देखरेख व मरम्मत का जिम्मा अगर आरडब्ल्यूए या अन्य कोई संस्था लेना चाहेगी तो उसके लिए भी विकल्प खुला रखा गया है। नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि अगर आरडब्ल्यूए या अन्य कोई संस्था आगे आती है तो एजेंसी को दिए पार्क उन्हें दिए जाएंगे। प्रयास है कि सभी पार्कों सुंदर व सुविधा युक्त हों। इसी मकसद से यह योजना सिरे चढ़ाई गई है। एजेंसी को ठेका अलॉट कर दिया है, जो इसी सप्ताह काम शुरू करेगी।