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Yamuna Nagar News: इंतजार के बाद मायूस लौटे फरियादी

Wed, 21 Jan 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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ओमवती।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त कराने और जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे लोगों को मंगलवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात यह हैं कोई दो माह से तो कोई चार माह से अपने काम के लिए नगर निगम कार्याल के के चक्कर काट रहा है।
इसी तरह मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग सुबह से कार्यालय में पहुंचे, लेकिन एक से दो घंटे तक अलग-अलग काउंटरों पर धक्के खाने के बाद भी कई लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। देखाे जाए तो निगम में आने वाले ज्यादातर लोग एक ही शिकायत लेकर पहुंचे थे-प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी, गलत नाम दर्ज होना या फिर तकनीकी खामियों के नाम पर काम अटक जाना। लोगों का कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिल जाता है, लेकिन समाधान महीनों तक नहीं हो पाता है।
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वहीं नगर निगम का भवन काफी पुराना हो चुका है। अंदर-बाहर बड़े-बड़े जाले, लटकती तारें और कई जगह से छत का उखड़ा प्लास्टर हालात बयां करता है। वर्षों पुराना रिकॉर्ड धूल में पड़ा मिला, जिससे कामकाज में और देरी हो रही है। लोगों ने मांग की कि नगर निगम यमुनानगर में व्यवस्था दुरुस्त कर कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि आमजन को महीनों तक भटकना न पड़े।

बाड़ी माजरा निवासी ओमवती ने बताया कि वह सरकार की ओर से गरीबों को मिलने वाली कॉलोनी से संबंधित फाइल जमा कराने आई थीं। करीब एक घंटे तक अलग-अलग कर्मचारियों के पास भेजा गया, तब कहीं जाकर फाइल जमा हो पाई। उन्होंने कहा कि एक साधारण काम के लिए इतना इंतजार करना पड़ रहा है, यह समझ से परे है।
कामी माजरा निवासी बलदेव सिंह ने बताया कि उनकी भाभी किरण की प्रॉपर्टी आईडी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से बना दी गई थी। इसे ठीक कराने के लिए वह पिछले दो माह से नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। हर बार ‘आज-कल में ठीक हो जाएगा’ कहकर टाल दिया गया। मंगलवार को भी एक घंटा परेशान होने के बाद आईडी में सुधार हुआ।
गांधी नगर निवासी गोविंद ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उनके परिवार के दर्शन सिंह के स्थान पर पड़ोसी रामचंद्र का नाम दर्ज हो गया था। इसे ठीक कराने के लिए वह दो दिन से निगम आ रहे हैं। मंगलवार को पौना घंटा इंतजार के बाद आईडी तो ठीक हुई, लेकिन पहले टरकाने की कोशिश भी की गई।
प्रेम नगर निवासी अश्वनी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चार माह से भटक रहे हैं। मंगलवार को फिर से आए तो साइट बंद होने का हवाला दे दिया गया। 75 रुपये फीस लेने के बावजूद प्रमाण पत्र नहीं बन सका। अश्वनी का सवाल था कि आखिर ऐसी स्थिति में आम आदमी कहां जाए।
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नगर निगम का उद्देश्य शहरवासियों को हर सुविधा उपलब्ध करवाना है। किसी स्तर पर लोगों के काम में देरी हो रही है तो इस बारे में आयुक्त के साथ बैठक करके कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। - सुमन बहमनी, मेयर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।

ओमवती।

ओमवती।

ओमवती।

ओमवती।

ओमवती।

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