संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में लावारिस कुत्ते लोगों की परेशानी का सबब बन गए हैं। शहर की गलियों और सड़कों पर झुंड बनाकर घूम रहे ये कुत्ते स्थानीय निवासियों के लिए भय का कारण बन रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई मोहल्लों में लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ने से लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है और आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल से मिली सूचना के अनुसार जिले में हर माह लगभग 550 से 600 लोग रैबीज का टीका लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या यह बताने के लिए काफी है कि समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है। शहरवासी रमेश, पवन और संजीव ने बताया कि उनके मोहल्ले में हालात और भी खराब हैं। सुबह से लेकर देर रात तक कुत्तों के झुंड उनके घरों के गेट पर बैठे रहते हैं। कई बार उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया तो कुत्ते गेट के खड़कते ही भौंकने लगते हैं या गुर्राने लगते हैं। लोग खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बेहद चिंतित हैं। कुत्तों ने जीना मुहाल कर दिया है और समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब कुत्तों की तादाद इतनी हो चुकी है कि अब हालात ज्यादा खराब हो चुके हैं।
लोगों को जल्द मिलेगी कुत्तों से निजात : महाबीर
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। जल्द ही टीम मैदान में उतर कर अभियान शुरू करेगी। नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान तेज गति से चलाकर शहर को जल्द ही आवारा कुत्तों की समस्या से राहत दिलाई जाएगी।
तेजली गांव की गली में घूमते लावारिस कुत्ते। संवाद