संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खुंडेवाला गांव स्थित जिस गणेश केमिकल फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लगी थी, वह बिना एनओसी के चल रही थी। फैक्ट्री संचालकों ने दमकल विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया था। सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए गांव में यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी। जिस प्रकार से केमिकल से भरे ड्रमों में धमाका हो रहा था उस हिसाब से इसमें काम करने वाले लोगों की जान भी जा सकती थी।
केमिकल से संबंधित कोई भी काम करने से पहले दमकल विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेनी होती है। क्योंकि केमिकल में हर समय आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में फैक्ट्री चलाने से पहले वहां पर आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने जरूरी होते हैं। फैक्ट्री में आग बुझाने के इंतजाम होना तो दूर की बात है, वहां पर पीने के पानी का पाइप तक नहीं लगा हुआ था।
हादसे में सुबह के समय गुजरात के कांडला बंदरगाह से केमिकल से भरा ट्रक लेकर आया ड्राइवर गोगा राम इसमें बाल-बाल बच गया। उसके केवल दोनों पांव ही केमिकल से झुलसे। वहींफैक्ट्री में आग खुद लगी या फिर लगाई गई, इस राज से अभी पर्दा नहीं उठ पाया है। क्योंकि हादसे की वजह शार्ट सर्किट भी नहीं हो सकती। क्योंकि बिजली के तार केवल इसमें बने कमरों की तरफ हैं। जहां तार हैं, वहां पर कुछ भी सामान नहीं जला। जहां पर तार नहीं हैं और खुले में खड़े दो ट्रक व एक टैंक आग की भेंट चढ़ गए।
आग लगने के दूसरे दिन रविवार को फैक्ट्री का संचालक खुंडेवाला गांव में पहुंचा। जैसे ही वह फैक्ट्री में जाने लगा तो गांव के लोगों व किसानों ने उन्हें घेर लिया। किसान अपनी खराब हुई फसलों का मुआवजा मांगने के साथ-साथ फैक्ट्री को बंद करने की मांग कर रहे थे। उस दौरान पुलिस भी पहुंची थी।
लोगों ने बताया कि फैक्ट्री संचालक किसान को एक लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा देने को तैयार हो गया है। वहीं पुलिस इस मामले में फैक्ट्री संचालक के बचाव में तर्क दे रही है। जब यह पूछा गया कि फैक्ट्री किसकी है तो पुलिस ने कहा कि अभी तक फैक्ट्री संचालक का नाम पता नहीं चल पाया है। वहीं फैक्ट्री संचालक पर कार्रवाई के लिए फिलहाल थाने में कोई शिकायत नहीं आई है।
फायर एनओसी नहीं ली गई थी : पंकज पराशर
दमकल विभाग जगाधरी के फायर ऑफिसर पंकज पराशर ने बताया कि उनके विभाग से खुंडेवाला में पेंट फैक्ट्री चलाने के लिए संचालकों ने अनुमति नहीं ली थी। वहीं जहां पर आग लगी थी वहां पर बिजली के तार भी नहीं थे। ऐसे में आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है। बिना एनओसी चल रही फैक्ट्री पर कार्रवाई के लिए मुख्यालय व डीसी को पत्र लिखेंगे।
पेंट बनाने की कोई फैक्ट्री रजिस्टर्ड नहीं : वीरेंद्र पूनिया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी वीरेंद्र पूनिया का कहना है कि जिले में पेंट बनाने की कोई फैक्ट्री उनके कार्यालय से रजिस्टर्ड नहीं है। इस फैक्ट्री में केमिकल से क्या बनता था इसका पता करने के लिए मौके का निरीक्षण किया जाएगा।
फैक्ट्री संचालक का नाम पता नहीं चल पाया है। संचालक के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं आई है। केवल एक किसान ने फसल खराब होने के बारे में शिकायत दी है। इसकी रपट दर्ज कर पटवारी व तहसीलदार को सौंप देंगे। - रामपाल, एसएचओ थाना छप्पर।