पीड़ित परिवार के साथ बात करती आयोग चेयरपर्सन रेनू भाटिया। संवाद
यमुनानगर। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने जिला सचिवालय में महिलाओं से जुड़े मामलों को लेकर संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंची शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य यही है कि राज्य की हर बेटी और महिला को न्याय मिले। बैठक से पहले रेणू भाटिया ने डीसी प्रीति और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के साथ महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया।उन्होंने बेटियों और महिलाओं से अपील की कि वे लिव-इन रिलेशनशिप से बचें। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े हजारों मामलों में अधिकतर मामले लिव-इन रिलेशनशिप, आपसी संबंधों और तलाक से जुड़े हुए हैं, जो न केवल युवाओं बल्कि समाज के लिए भी घातक साबित हो रहे हैं।उन्होंने बेटियों को आगाह करते हुए कहा कि किसी भी आधुनिक चलन को अपनाने से पहले एक-दूसरे के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और भविष्य को ध्यान में रखकर ही निर्णय लें। बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि बैठक में आए सभी लंबित मामलों की तुरंत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
शादी से पहले काउंसलिंग जरूरी, युवाओं को किया आगाह
रेणू भाटिया ने बताया कि नेशनल कमीशन की पहल पर शादी से पहले युवक-युवतियों की काउंसलिंग शुरू की गई है। इसमें जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और महिला काउंसलर विवाह से पहले युवाओं को शादी के मायने, अच्छे-बुरे परिणाम, शादी के बाद आने वाली चुनौतियां, आपसी तालमेल और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देंगे। इस अवसर जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, डीएसपी रजत गुलिया, राजीव मिगलानी, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, विभिन्न थानों के एसएचओ, पुलिस विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पीड़ित परिवार के साथ बात करती आयोग चेयरपर्सन रेनू भाटिया। संवाद