संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की ओर से शहरी सड़कों से रेहड़ियों काे वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया एक माह पहले शुरू कर दी गई। धरातल पर अभी भी वेंडिंग जोन पहले जैसे सुनसान पड़े हैं। मॉडल टाउन के शक्तिनगर और सेक्टर-17 के पास गणेश नगर में बने वेंडिंग जोन में एक भी रेहड़ी नहीं लग रही। रेहड़ियां पहले की तरह सड़कों पर है, जो जाम की भी वजह बन रही हैं।
नगर निगम की ओर से सेक्टर-17 समीप गणेश नगर में करीब 80 लाख रुपये से वेंडिंग जोन बनाया गया। इसे मनोहर स्ट्रीट वेंडिंग जोन नाम दिया गया। जहां 350 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह है, पर अब तक एक भी रेहड़ी यहां नहीं लगी है। ऐसे ही शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के साथ नाले पर स्लैब डाल फूड कोर्ट नाम से वेंडिंग जोन बना। यहां रेहड़ियां शिफ्ट नहीं हो पाई हैं।
दोनों जगह कचरा तो कहीं वेंडिंग जोन में लगे सामान को लावारिस पशु सहित शरारती तत्व नुकसान पहुंचा रहे हैं। सिटी थाने के सामने बने वेंडिंग जोन में भी 75 रेहड़ियां खड़ी हो सकती हैं, पर 30-35 रेहड़ियां लग रही हैं। इनमें भी अधिकांश नॉनवेज की हैं। इस तरह तीनों वेंडिंग जोन खाली नजर आ रहे हैं, वह भी तब जब इन पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं।
पिछली शहर की सरकार के कार्यकाल में वेंडिंग जोन बने थे. निगम अफसर यहां रेहड़ियों को शिफ्ट नहीं कर पाए। अब शहर की नई सरकार में भी वेंडिंग जोन में रेहड़ियों को शिफ्ट करने की कार्रवाई बूथ अलॉट करने तक सिमटी है। माहभर पहले रेहड़ी वालों को बूथ अलॉट हो चुके हैं, पर उन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
इस तरह वेंडिंग जोन में शिफ्ट न होने से रेहड़ियां पहले जैसे शहरी सड़कों व उनके किनारे खड़ी हैं। रेलवे, वर्कशॉप, पुराना रादौर रोड जैसे मुख्य मार्गों व मीराबाई व खेड़ा बाजार जैसी मार्केट में दुकानदारों का फुटपाथ से लेकर सड़कों किनारे तक सामान अतिक्रमण के रूप में रखा है, जिस पर भी नगर निगम अफसरों का ध्यान नहीं जा रहा है।
स्ट्रीट वेंडर्स को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किए जाने की कार्रवाई हो रही है। यह कार्य प्रक्रिया के तहत होना है। जल्द वेंडिंग जोन में स्ट्रीट वेंडर्स को शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश दिए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।