संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए भगवानगढ़ के दो सगे भाइयों की तलाश आखिरकार पांचवें दिन खत्म हुई। रविवार को बड़े भाई उदय (24) का शव घटनास्थल से करीब 16 किलोमीटर दूर हमीदा हेड के पास एक पुल के नीचे मिला। वहीं, सोमवार सुबह बाड़ी माजरा पुल के पास छोटे भाई आर्यन (18) का शव भी पानी की सतह पर दिखाई दिया।
राहगीरों की सूचना पर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। दोनों शव मिलने से परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। भगवानगढ़ निवासी उदय और आर्यन मंगलवार शाम घर से पूजा सामग्री विसर्जित करने निकले थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी।
बुधवार सुबह बूड़िया के पास नहर किनारे उनकी बाइक खड़ी मिली और पास ही चप्पल पड़ी हुई थी। इससे नहर में डूबने की आशंका गहरा गई। सूचना मिलते ही बूड़िया थाना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। करीब 10 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तलाशी ली गई। गोताखोरों के अनुसार ठंडे पानी और तेज बहाव के कारण शव को सतह पर आने में चार से पांच दिन लग सकते हैं। इसी आशंका के आधार पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। आखिरकार रविवार और सोमवार को दोनों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद हुए।
उदय नाई की दुकान पर काम कर परिवार की जिम्मेदारी संभालता था, जबकि आर्यन दिहाड़ी मजदूरी कर घर चलाने में हाथ बंटाता था। दोनों बेटों की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता विनोद और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां की जाएंगी।
एक साथ दो भाइयों की मौत होने से गांव भगवानगढ़ में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नहर किनारे सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
उदय। फाइल फोटो