संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नए साल का जश्न मनाने यमुनानगर आए पानीपत के गांव लाखू बुआना के रहने वाले 40 वर्षीय शराब ठेकेदार देवेंद्र की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। पांचवे दिन सर्च ऑपरेशन में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पश्चिमी यमुना नहर से उनका शव बरामद कर लिया गया। शव बूड़िया पुल के पास पानी की सतह पर दिखाई दिया, जिसकी सूचना मिलते ही गोताखोरों की टीम और परिजन मौके पर पहुंच गए।
नया साल मनाने देवेंद्र अपने चार-पांच दोस्तों के साथ पानीपत से गांव कश्मीरगढ़ आए थे। इसी दौरान देवेंद्र ने नहर में नहाने की जिद पकड़ ली। उसके साथी सुरजीत, संदीप, प्रवीण सहित अन्य दोस्तों ने उसे रात का समय, कड़ाके की ठंड और नहर के तेज बहाव का हवाला देकर बार-बार रोका, लेकिन वह नहीं मावे दोस्तों के अनुसार जैसे ही देवेंद्र नहर में उतरे, तेज बहाव वह काफी दूर बह गए। दोस्तों ने शोर मचाया और बचाने की कोशिश की।
अंधेरा और तेज धार के कारण कुछ भी संभव नहीं हो पाया। पांचवें दिन शव मिलने से परिजनों की आस टूट गई। देवेंद्र दो बच्चों का पिता थे। उसके बड़े भाई हरियाणा पुलिस में और छोटा भाई रोडवेज विभाग में कर्मचारी है। पिछले पांच दिनों से परिजन नहर किनारे डेरा डाले हुए थे। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
जिद में बच्चों से छिन गया पिता
नए साल की शुरुआत देवेंद्र के परिवार के लिए र्दनाक बन गई। किसी ने नहीं सोचा था कि उवकी जिद बच्चों को जीवनभर का गम दे जाएगी। दो मासूम बच्चे अपने पिता के लौटने की राह देखते रहे, लेकिन पांच दिन बाद जब शव मिला तो उम्मीद टूट गई।परिजनों ने बताया कि देवेंद्र मिलनसार और परिवार के प्रति जिम्मेदार थे। सोमवार को जैसे ही शव मिलने की खबर आई, नहर के किनारे मौजूद परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। दोस्त भी बार-बार यही कहते रहे कि काश देवेंद्र ने उस रात नहर में न नहाने की बात मान ली होती तो वो आज हमारे बीच होते।