संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सामने आए धान घोटाले और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान किसानों के खेतों के रास्ते बंद किए जाने के मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जगाधरी अनाज मंडी में आयोजित बैठक के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोनों मुद्दों पर कड़ा विरोध जताया।
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि यमुनानगर जिले में हाल ही में करोड़ों रुपये का धान घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतना बड़ा घोटाला किसी एक राइस मिलर के बस की बात नहीं है। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी और अनाज मंडियों के आढ़ती भी शामिल हैं। घोटाले को अंजाम देने के लिए मंडियों में फर्जी गेट पास काटे गए।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक के बाद किसान प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और एडीसी नवीन आहूजा को मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कैल से पांवटा साहिब तक बनाए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर अपनी समस्याएं उठाईं।
संजू गुंदियाना ने बताया कि हाईवे निर्माण से किसानों की जमीनें प्रभावित हुई हैं और कई किसानों की जमीन दो हिस्सों में बंट गई है। अब नेशनल हाईवे प्राधिकरण की ओर से सर्विस लाइन बनाई जा रही है और उस पर दीवार खड़ी की जा रही है, जिससे किसानों के खेतों में आने-जाने के रास्ते पूरी तरह बंद हो रहे हैं। भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि खेतों के रास्ते बंद होने से खेती करना मुश्किल हो जाएगा। ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और फसल ले जाने में भारी दिक्कत आएगी, जिससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों ने मांग की कि सर्विस लाइन पर दीवार बनाने के बजाय खेतों के लिए उचित रास्ते छोड़े जाएं।
उन्होंने आरोप लगाते कहा कि धान घोटाले को लेकर सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है। यही वजह है कि एसआईटी कोई बड़ा खुलासा नहीं कर पाई है। उन्होंने ऐलान किया कि धान घोटाले के खिलाफ 16 जनवरी को यमुनानगर जिले में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में जिला युवा अध्यक्ष संदीप टोपरा, जिला महासचिव गुरवीर सिंह, कुरुक्षेत्र जिला प्रभारी पप्पल गुंदियाना, जिला उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी, जगाधरी ब्लॉक प्रधान परमजीत सिंह, छछरौली प्रधान राज कुमार सहित अन्य किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।