संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश उत्सव को जिले में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के वातावरण में मनाया गया। जिले के विभिन्न गांवों, कस्बों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा प्रभात फेरियों, शोभायात्राओं, नगर कीर्तन, रक्तदान शिविर, जागरण, हवन-यज्ञ और भंडारों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों में गुरु रविदास जी के समानता, मानवता, भाईचारे और भेदभाव रहित समाज के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गुरु रविदास जी के जीवन व वाणी को आज के समाज के लिए प्रासंगिक बताया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, शबद गायन और जयघोष के माध्यम से गुरु महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
संत रविदास का जीवन प्रेरणास्रोत : अशोक
छछरौली। संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर बाल देखरेख संस्थान बाल कुंज में प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुई।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार रोहिल्ला ने कहा कि संत रविदास का जीवन और उनकी वाणी आज भी समाज को समानता, मानवता और भेदभाव रहित व्यवस्था का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां कोई भूखा न रहे और ऊंच-नीच का भेद न हो। समिति सदस्य सुशील गुलाटी, एडवोकेट मोनिका रानी और पूनम अग्रवाल ने बच्चों को जाति बंधनों से ऊपर उठकर जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। बाल कल्याण अधिकारी सुखमिंदर सिंह और सुपरिंटेंडेंट बलविंदर सिंह ने जयंती की शुभकामनाएं दीं। संवाद
पीएम श्री स्कूल में अर्पित किए पुष्प
सरस्वतीनगर। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 649वां प्रकट उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। प्रधानाचार्य सर्वोदय गोयल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने समाज को एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। संवाद
बाल कुंज छछरौली में भजन प्रस्तुत करते श्रद्धालु। स्वयं
बाल कुंज छछरौली में भजन प्रस्तुत करते श्रद्धालु। स्वयं
बाल कुंज छछरौली में भजन प्रस्तुत करते श्रद्धालु। स्वयं