कमाई को बढ़ाने का एक नया तरीका रोडवेज प्रशासन की ओर से ईजाद किया है।
इसमें रोडवेज प्रशासन ने बस स्टैंड की खाली पड़ी जगह और बिल्डिंग की
दीवारों पर होर्डिंग से कमाई करने की योजना तैयार की है। इसके लिए एक निजी
कंपनी को ठेका भी दे दिया गया है। इस योजना में जिले के चार बस स्टैंड
शामिल किए गए हैं। राजनीति पार्टियों और अन्य कंपनियों को अब अपना प्रचार
करने के लिए बस स्टैंड पर जगह मिल जाएगी, वहीं बढ़ते डीजल के रेट से घट रही
रोडवेज की कमाई को में भी उछाल आएगा और रोडवेज प्रशासन बढ़ते घाटे से उभर
पाएगा। जिस कंपनी को रोडवेज की ओर से ठेका दिया गया है, उसकी ओर से बस
स्टैंड पर चारों ओर होर्डिंग स्टैंड लगा दिए गए हैं। जल्द ही बस स्टैंड पर
होर्डिंगों की भरमार दिखेगी और इस भरमार के पीछे होगी रोडवेज की कमाई।
इसमें रोडवेज की हर साल सात लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी।
बीस लाख में दिया ठेका
जिस
कंपनी ने होर्डिंग का ठेका लिया है। उस कंपनी के मैनेजर ने बताया कि
रोडवेज की ओर से 20 लाख रुपये का ठेका दिया गया है। इसमें कंपनी यमुनानगर,
जगाधरी, छछरौल और रादौर बस स्टैंड पर होर्डिंग लगवाएगी। चारों स्थानों पर
होर्डिंग स्टैंड लगा दिए गए हैं। उनका कहना है कि यमुनानगर बस स्टैंड पर
कुछ दुकानदारों की ओर से होर्डिंग लगवाने के आर्डर भी आने लगे हैं। ये ठेका
उनके पास तीन साल के लिए है।
दो सौ से ज्यादा जगह को किया चिन्हित
चारों
ही बस स्टैंड पर होर्डिंग स्टैंड बनने के लिए 200 के करीब स्थानों को
चिन्हित किया गया है। इसमें कुछ स्थानों पर 15 से 20 फीट के होर्डिंग
स्टैंड लगाए गए हैं, तो कई स्थानों पर पांच-पांच फीट के होर्डिंग स्टैंड
स्थापित किए गए हैं। होर्डिंग स्टैंड लगाने से लेकर होर्डिंग लगाने और उनकी
देखरेख की जिम्मेदारी कंपनी की ही है।
अब जगह-जगह लगे होर्डिंग पर होगी कार्रवाई
रोडवेज
अधिकारियों का कहना है कि अब तक बस स्टैंड का एक दो जगह पर होर्डिंग
स्टैंड था, जिस पर बड़े होर्डिंग ही लग पाते थे। होर्डिंग स्टैंड न होने से
राजनीति पार्टियों और निजी कंपनियों की ओर से दीवारों पर ही पंफ्लेट चस्पा
दिए जाते थे। अधिकारियों का कहना है कि अब इससे भी छुटकारा मिलेगा। ये
राजनीति पार्टियों और कंपनियों की ओर से अब होर्डिंग स्टैंड पर होर्डिंग
लगाने की अनुमति होगी। अगर कोई दीवारों पर प्रचार सामग्री लगाता है तो उसके
खिलाफ कार्रवाई होगी।