यमुनानगर। धान की कुटाई के बाद चावल जमा न कराने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए रविवार को जगाधरी के पाबनी रोड स्थित गांव पोंटी में न्यू किसान राइस मिल और किसान राइस मिल पर कब्जा ले लिया। करीब 2.96 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए यह कार्रवाई पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई। विभाग अब मिल की संपत्ति को नीलाम कर बकाया राशि की वसूली करेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रोहित सिरोगी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनके साथ जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) नितिश सिंगला, विभाग के इंस्पेक्टर विभु गोयल और थाना सदर जगाधरी एसएचओ तरसेम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
अधिकारियों ने मिल मालिक जावेद खान से गोदाम और मिल परिसर की चाबियां देने को कहा, लेकिन उन्होंने चाबियां देने से साफ इंकार कर दिया। मिल मालिक और उनके परिवार ने कार्रवाई का विरोध भी किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि चाबियां कहीं खो गई हैं। अधिकारियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो प्रशासन को डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले कारीगर को बुलाना पड़ा। कारीगर ने शटर पर लगे सेंट्रल लॉक को डुप्लीकेट चाबी से खोलने की कोशिश की। ये लॉक इतने मजबूत थे कि उन्हें खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब दो घंटे की प्रक्रिया के बाद शटर पर लगे सेंट्रल लॉक खोले जा सके। वहीं दरवाजों पर बाहर की ओर लगे अन्य ताले तोड़े गए। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों राइस मिलों की संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रक्रिया पूरी की। गांव पोंटी स्थित न्यू किसान राइस मिल और किसान राइस मिल एक ही परिसर में स्थित हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से न्यू किसान राइस मिल को तथा हैफेड की ओर से किसान राइस मिल को धान कुटाई के लिए दिया गया था। दोनों मिल करीब 39 कनाल चार मरले भूमि में बनी हुई हैं। हालांकि फिलहाल विभाग ने उस 14 कनाल 10 मरले भूमि पर कब्जा लिया है, जहां राइस मिल की मशीनरी स्थापित है। अधिकारियों के अनुसार मिल मालिक जावेद खान ने करीब 6629 क्विंटल चावल सरकारी एजेंसियों को जमा नहीं कराया था। विभाग के आकलन के अनुसार इस चावल की बाजार कीमत करीब दो करोड़ 96 लाख रुपये बनती है।
न्यू किसान राइस मिल और किसान राइस मिल से बकाया की रिकवरी के लिए विभाग ने मिल की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की थी। अब प्रशासन ने मिल पर कब्जा लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नीलामी के लिए विभाग के निदेशक व डीसी को पत्र लिखा जाएगा। अगले माह नीलामी होने की उम्मीद है। नीलामी से जो भी राशि मिलेगी उससे रिकवरी होगी।
- नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।
अक्तूबर 2025 में दर्ज की गई थी एफआईआर :
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक विभु गोयल ने राइस मिलर जावेद खान के खिलाफ अक्तूबर 2025 में थाना सदर जगाधरी में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। उन्होंने शिकायत दी थी कि गांव पोंटी के न्यू किसान राइस मिल को खरीफ वर्ष 2024-25 में विभाग की ओर से एक लाख 19 हजार 735 धान के कट्टे (44900.625 क्विंटल) दिए गए थे, जिसका 67 प्रतिशत के हिसाब से 30083.42 क्विंटल चावल राइस मिल को एफसीआई को देना था। इसमें से जावेद खान ने 30 सितंबर तक 23 हजार 490 क्विंटल चावल ही एफसीआई को भेजा और 6,629.94 क्विंटल चावल बकाया रह गया था। 16 सितंबर को विभाग के जिला नियंत्रक की गठित टीम ने राइस मिल में जांच की तो 6593.42 क्विंटल चावल कम पाया गया। तब राइस मिलर ने शपथ पत्र देकर कहा था कि इस चावल की एवज में जितनी भी राशि बनती है, वो उसके बिल व एफडीआर की रकम से काटकर बन रही बकाया राशि वह भरने के लिए तैयार है। परंतु उसने राशि जमा नहीं करवाई। इसके बाद हैफेड ने भी प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। हैफेड का किसान राइस मिल पर 9994.66 क्विंटल चावल बकाया है, जिसकी कीमत 4.57 करोड़ रुपये है।
गांव पौंटी में राइस मिल पर कब्जा लेने के दौरान मौजूद पुलिस। संवाद
गांव पौंटी में राइस मिल पर कब्जा लेने के दौरान मौजूद पुलिस। संवाद