संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रोफेसर कॉलोनी में खाली पड़े मकान के फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में प्रोडक्शन रिमांड पर लिए उर्दू अनुवादक इस्लामुद्दीन उर्फ इस्लाम से पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है। पूछताछ में आरोपी से फर्जी दस्तावेज बरामद किए जाएंगे। वहीं, फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
माना जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर प्रॉपर्टी नाम कराने के इस खेल में उर्दू अनुवादक के साथ एसडीएम कार्यालय, तहसील व नगर निगम कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत है। इन्हीं की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। प्रोफेसर कॉलोनी में खाली मकान और मॉडल टाउन में एनआरआई राकेश कपूर की प्रॉपर्टी नाम कराने के मामले सामने आ चुके है। जांच में और मामले भी उजागर होने की संभावना है। फिलहाल उर्दू अनुवादक तीन सितंबर तक रिमांड पर है।
इस मामले में आरोपी दिल्ली निवासी परमजीत कौर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि आरोपी इस्लामुद्दीन उर्फ इस्लाम से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आरोपी से फर्जी दस्तावेजों की रिकवरी व उसके साथी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहर पुलिस ने प्रोफेसर कॉलोनी में लंबे समय से खाली पड़े मकान के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने के मामले में सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसमें आरोपी परमजीत कौर ने मकान के दस्तावेज बदल कर लगभग 50 लाख रुपये में बेच दिया था। जब मकान खरीदने वाले उस पर कब्जा करने गए तो मामला खुला। मकान को लेकर विवाद हुआ। विवाद होने पर अदालत में भी केस चला।
बाद में अदालत के आदेश के मकान के चौकीदार राजकुमार की शिकायत पर विक्रम अग्रवाल, दिल्ली निवासी संजय अग्रवाल, आंचल, कंचन व अन्य पर केस दर्ज किया गया था। तफ्तीश करते हुए पुलिस ने नगर निगम व तहसील से रिकॉर्ड जुटाया। जिसमें पता लगा कि परमजीत कौर ने इस मकान को अपना बताकर विक्रम व अन्य को बेचा था। इस प्रॉपर्टी को बेचने में भी उर्दू अनुवादक इस्लाम की मिलीभगत थी।