यमुनानगर। ट्विनसिटी यमुनानगर-जगाधरी में कुत्तों के काटने के बढ़ते मामले देखकर नगर निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ई-निविदा लगाने को लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, उधर जनप्रतिनिधियों से लेकर शहर के लोग भी कुत्तों की नसबंदी का कार्य जल्द किए जाने की मांग कर रहे हैं।
कुत्तों की नसबंदी कराने का प्रस्ताव नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के पिछले सदन की नवंबर-2020 की बैठक में पास हो चुका है, बावजूद इसके यह कार्य अधर में है। वहीं नगर निगम के अंतर्गत मुख्य मार्गों से लेकर गांवों, कॉलोनियों व मोहल्लों में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई जगह कुत्ते झुंड में नजर आते हैं। विभाग की एक रिपोर्ट मुताबिक जिले में करीब 21500 लावारिस कुत्ते हैं। कई वाहन चालक भी कुत्तों के झपटने के कारण गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इससे लोग दुखी हैं। वार्डों के पूर्व व निवर्तमान पार्षदों से लेकर अन्य जनप्रतिनिधि और कई संगठन, संस्थाएं भी कुत्तों की नसबंदी की मांग कर चुके हैं, जिस पर आखिरकार कई वर्षों बाद नगर निगम की ओर से सुध लेने के संकेत मिले हैं। नगर निगम से सीएसआई सुनील दत्त ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए ई निविदा लगाई जा रही है। इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है।
कुत्तों के काटने के मामले सरकारी अस्पतालों सहित निजी अस्पतालों में रोज आ रहे हैं। नवंबर माह की बात की जाए तो करीब 227 और साल के 2239 मामले सामने आए हैं। सरकारी अस्पतालों व केंद्रों में इसका इलाज निशुल्क है, पर निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में लोगों को शुल्क अदा करना पड़ता है।
कई बार सरकारी अस्पताल में भी इंजेक्शन की कमी होने पर लोगों को निजी अस्पतालों व क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है। संदीप गांधी, साहिल, कर्मचंद, दीपक, सुरेंद्र सिंह, पारूल ने कहा कि नगर निगम प्रशासन को कुत्तों की नसबंदी का कार्य जल्द कराना चाहिए। लावारिस कुत्तों से लोग दुखी हैं, जो पैदल राहगीरों व वाहन चालकों को काटते व झपटते हैं। संवाद