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खेड़ा मोहल्ला में तनाव, पुलिस तैनात, नौ पर हत्या का केस

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पंचायत के दौरान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के बाहर जुटी लोगों की भीड़। - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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छछरौली (यमुनानगर)। खेड़ा मोहल्ला में विवादित जमीन के संबंध में खूनी संघर्ष के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, छछरौली थाना पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के नौ लोगों पर हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, विवाद को सुलझाने के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में डीएसपी नरेंद्र खटाना व एसडीएम ने दोनों समुदायों के मौजिज लोगों की पंचायत की।
तीन घंटे तक चली पंचायत में शांति कमेटी बनाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। पंचायत में एक समुदाय द्वारा विवादित जमीन पर शुरू किए गए धार्मिक अनुष्ठान कार्य के संपन्न होने पर जगह को खाली करने का निर्णय लिया गया। इसका पंचायत में शामिल दोनों समुदायों के लोगों ने स्वागत किया।
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रेस्ट हाउस में लगातार तीन घंटे तक क्षेत्र के मौजिज व्यक्तियों व दोनों पक्षों के कमेटी सदस्यों की पंचायत हुई, जिसमें वक्फ बोर्ड के अधिकारी भी बुलाए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद राजस्व रिकॉर्ड देखने के बाद पता चला कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की है। पंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक समुदाय के मौजिज लोगों ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि झगड़े के बाद वहां पर धार्मिक अनुष्ठान कार्य शुरू कर दिया था।
धार्मिक अनुष्ठान कार्य बीच में छोड़कर वहां से उठना अच्छी बात नहीं है, इसलिए जैसे ही धार्मिक अनुष्ठान का कार्य पूर्ण हो जाएगा, समुदाय के लोग अपनी मौजूदगी में जगह को खाली करवा देंगे। पंचायत में मौजूद सभी लोगों ने उनके इस निर्णय का स्वागत किया। इसके साथ ही समुदाय के मौजूद लोगों ने कहा कि जिन्होंने झगड़ा व मारपीट कर लोगों को घायल किया है। वे शरारती तत्व हैं। समुदाय ऐसे लोगों की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विवादित जमीन को लेकर हुए झगड़े में छछरौली पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के नौ लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों के हमले में कई पुरुष और महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं हैं। इसमें एक व्यक्ति को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष के भी तीन लोग घायल हुए थे। विवादित जगह पर वीरवार को ही पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी, जो शुक्रवार को भी तैनात रही। दोनों पक्षों को विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार की गतिविधि न करने की चेतावनी दी गई है।
छछरौली के खेड़ा मोहल्ला में लगभग 300 गज जगह में एक पुराना भवन बना हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड में यह जगह वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज है। 1947 में देश विभाजन से पहले इस जगह पर एक धर्मस्थल था, जिसके बारे में उनके बुजुर्गों द्वारा उनको यह जानकारी दी गई थी। बंटवारे के समय यहां से समुदाय के लोग पाकिस्तान चले गए थे और यह भवन खाली हो गया था। आजादी के बाद खेड़ा मोहल्ला में दूसरे समुदाय के लोगों ने अपना हक जताते हुए धर्मस्थल बना लिया।
इसके बाद से ही दोनों समुदाय के लिए तनातनी चल रही थी। वर्ष 1990 में धर्मस्थल की छत गिरने के बाद जगह खंडहर बन गई। वीरवार दोपहर 12 बजे के लगभग एक समुदाय के लोग विवादित पुराने जर्जर भवन में पाठ करने लगे। दूसरे समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों में जमकर तलवार, डंडे व लाठियां चली। जिसमें एक समुदाय के पांच और दूसरे समुदाय के तीन लोग घायल हुए थे। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
पुलिस के खिलाफ दिखा लोगों में गुस्सा
पंचायत के दौरान क्षेत्र के लोगों ने छछरौली थाना प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले पुलिस को सूचना दी गई थी कि कुछ शरारती तत्व जान से मारने धमकी दे रहे हैं। धमकी देने के अगले ही दिन यह विवाद तूल पकड़ गया। रोष प्रकट कर रहे लोगों को थाना प्रतापनगर प्रभारी पृथ्वी सिंह व डीएसपी नरेंद्र खटाना ने लोगों को समझाया था कि मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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डीएसपी नरेंद्र खटाना का कहना है कि दोनों समुदायों के मौजिज लोगों की पंचायत हुई थी। जिसमें दोनों समुदायों को शांति बनाए रखने की अपील की गई। एक समुदाय के लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान खत्म होने की स्वयं जगह खाली करने का निर्णय लिया है। वहीं, मारपीट के मामले में एक पक्ष के नौ लोगों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।
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