जगाधरी। सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में खामियां तलाशने निकले शिक्षा अधिकारी तेलीपुरा के राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कक्षाओं की कलात्मक दीवारें, परिसर में हरियाली, चाक-चौबंद सफाई और संस्कृत के श्लोकों से अतिथि का स्वागत करते विद्यार्थी। यहां शिक्षा के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नैतिक संस्कारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
विद्यालय की इन व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के अनुशासन ने समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी केएस संधावा को खासा प्रभावित किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कक्षा-कक्षों, मध्याह्न भोजन की रसोई, शौचालयों, विद्यालय परिसर और बगीचे का जायजा लिया। विद्यालय में साफ-सफाई और पौधों की देखभाल की व्यवस्था संतोषजनक मिली। उन्होंने कहा कि हरित विद्यालय विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण देने के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करते हैं।
विद्यालय की ड्राइंग अध्यापिका सुलेखा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न कलाकृतियों से दीवारों और परिसर का सुंदरीकरण किया है। संधावा ने इन रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से विद्यालय को आकर्षक और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत के श्लोकों से उनका स्वागत किया और प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने तेलीपुरा विद्यालय के प्रयासों को अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणादायक बताया।