आने वाले दिनों में तेजली खेल परिसर के दिन बहुरने वाले हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम के विस्तार के लिए जो 90 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, उसे अब हरी झंडी मिल गई है। अब जल्द ही खेल विभाग इसकी रिपोर्ट बनाकर हेड क्वार्टर भेज देगा उसके बाद कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा इंडोर और आउटडोर खेलों के अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों के जिलों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। जल्द ही उन्हें यह सभी सुविधाएं यहीं पर मिला करेगी।
बता दें कि सीएम की घोषणा के तहत खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से 50 एकड़ में फैले तेजली खेल परिसर में पहले फेज में जूडो, कबड्डी, ताइक्वांडो, रेसलिंग, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, आर्चरी, राइफल शूटिंग जैसी इंडोर खेलों में खिलाड़ी अभ्यास कर सकें और यहां विभिन्न स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन हो सके, इसके लिए विकास कार्य होंगे। ऐसे ही अगले फेज में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों की सरकारी स्तर पर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के पास जिला स्तर पर तेजली खेल परिसर है। यहां कई दशक में भी कई इंडोर व आउटडोर खेलों के मैदान, ट्रैक, कोर्ट नहीं हैं। जिन खेलों के हैं, उनमें अधिकांश की हालात बिगड़े रहते हैं। यहां करोड़ों रुपये की लागत से बना मल्टीपर्पज इंडोर गेम्स हाल के भी हालात बिगड़ चुके हैं। कई खेलों के प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों को कोच नहीं मिलते। 50 एकड़ में परिसर में ग्राउंडमैन नहीं है। कई जगह से अंदर प्रवेश के रास्ते बने हैं, जिससे खिलाड़ियों के अलावा बाहरी लोग परिसर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। इससे यहां बने विभिन्न खेलों के मैदान, ट्रैक, कोर्ट समेत यहां लगे उपकरणों व लाइटों, दरवाजों-खिड़कियों को नुकसान पहुंचता है। खामियाजा खिलाड़ियों को हो रहा है। यही हालात खंड स्तर पर बने राजीव गांधी खेल परिसर का है।
सीएम अनाउंसमेंट का नंबर लग चुका है। 22 मार्च को इसका जवाब भी आ गया है। प्रोजेक्ट का हरी झंडी मिल गई है। अब इसकी रिपोर्ट बनाकर हेड क्वार्टर भेजी जाएगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
-राजेंद्र गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।