यमुनानगर। जिले के दो चाहड़वाला व रपौली गांवों की तहसील-उप तहसील इधर से उधर होगी। अभी तक जहां गांव चाहड़वाला को उप तहसील सरस्वती नगर से और रपौली गांव को रादौर तहसील से जोड़ा हुआ था, वहीं अब इन दोनों गांवों को नजदीकी तहसील व उप तहसील से जोड़ा। इस दिशा में प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
दरअसल, बुधवार को चंडीगढ़ में हुई सब कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है। ऐसे में अब जल्द ही गांव चाहड़वाला को उप-तहसील सरस्वती नगर से हटाकर तहसील व्यासपुर के साथ और गांव रपौली को तहसील रादौर से हटाकर उप-तहसील सरस्वती नगर के साथ जोड़ने की सिफारिश की गई है। ऐसे में दोनों गांवों को नजदीकी तहसील व उप तहसील मिलने से ग्रामीणों में भी खुशी की लहर है।
दस्तावेज होंगे ट्रांसफर, राह भी होगी आसान चाहड़वाला व रपौली गांव अपनी-अपनी तहसील व उप तहसील से जुड़े हुए हैं। गांव के ग्रामीणों को अपने-अपने दस्तावेज संबंधी कार्य जैसे, रजिष्ट्री, जाति प्रमाण पत्र, जमाबंदी, रिहायशी प्रमाण पत्र, एफिडेविट इत्यादि को लेकर पुरानी तहसील व उप तहसीलों में 15 से 17 किमी की दूरी तय कर जाना होता था, किंतु नजदीकी तहसील व उप तहसील में गांव जुड़ जाने के बाद ग्रामीणों की राह भी आसान हो जाएगी। वहीं इनके संबंधित तहसील व उप तहसील में दस्तावेज ट्रांसफर हो जाएंगे। बता दें जिले में चार तहसीलें और तीन उप-तहसीलें हैं। जिले की तहसीलों में जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर और रादौर शामिल हैं, जबकि उप-तहसीलें साढौरा, सरस्वती नगर और प्रताप नगर है। बात करें तो यमुनानगर 1989 को जिला के रूप में अस्तित्व में आया। इसका क्षेत्रफल 1770 वर्ग किलोमीटर के साथ है, जिसमें 473 पंचायत, 655 राजस्व गांव शामिल हैं। संवाद