यमुनानगर। शहर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यमुना नदी पर बने रेलवे पुल पर किशोर खुलेआम अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बच्चे रेलवे ट्रैक के बिल्कुल पास खड़े होकर करीब 30 फुट नीचे गहरे और तेज बहाव वाली यमुना में छलांग लगा रहे हैं। किसी भी समय यहां से ट्रेन गुजर सकती है। ऐसे में जरा सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जमुना गली फाटक के पास पश्चिमी यमुना नहर जैसे संवेदनशील और खतरनाक स्थान पर न तो कोई सुरक्षा कर्मी तैनात है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रोकथाम के लिए कोई प्रभावी इंतजाम दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन और रेलवे विभाग की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ते ही बच्चे और किशोर रेलवे पुलों व नहरों पर पहुंचकर जानलेवा स्टंट करने लगते हैं, लेकिन संबंधित विभाग केवल मूकदर्शक बने रहते हैं। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई, तो कभी भी कोई परिवार अपनों को खोने के दर्द से गुजर सकता है। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर नहाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सीधे तौर पर जीवन को खतरे में डालने जैसा है। नीचे उफनती यमुना का तेज बहाव और ऊपर कभी भी गुजर सकती ट्रेन, इन दोनों के बीच बच्चे अपनी जिंदगी को दांव पर लगा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। संवाद
जीआरपी रोजाना करे गश्त
स्थानीय निवासी अनिल का कहना है कि बच्चों को रेल लाइन से दूर रखने के लिए नियमित जीआरपी की गश्त को लगाया जाना जरूरी है। वहीं रेलवे लाइन पर जाने वाले सभी रास्तों को बंद किया जाना चाहिए।
गर्मी में लगाते हैं छलांग
स्थानीय निवासी राजकिशोर बताते है कि गर्मी शुरू होते ही बच्चे जमुना गली फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर यमुना नहर में छलांग लगाते है। ट्रेन के अचानक आने के कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है।
जमुना गली फाटक के पास पश्चिमी यमुना नहर में बच्चों के नहाने की शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। इस क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी और जीआरपी की टीम बच्चों को जागरूक कर ऐसे खतरनाक स्थानों से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगी।
- धर्मवीर, थाना प्रभारी जीआरपी।
अनिल।
अनिल।