संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में लघु सचिवालय के सामने चल रही हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की भूख हड़ताल शनिवार को भारी रही। भारी बारिश के बीच भी पांच नए अध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को शिक्षा विरोधी बताया।
भूख हड़ताल का नेतृत्व गुरुग्राम जिला सचिव नरेश कुमार ने किया। उनके साथ खंड सोहना प्रधान नेत्रपाल डागर, ओमबीर यादव, राज्य कमेटी सदस्य अनिल सैनी भूख हड़ताल पर बैठे। संघ नेता अजय अग्रवाल, ओम प्रकाश, डीआर सिंघल ने अध्यापकों को माला पहनाकर अनशन पर बैठाया। नेताओं ने कहा कि शिक्षक 23 अप्रैल से शिक्षा का मूल ढांचा बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
अभी तक सरकार ने अध्यापकों से बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार की चिराग योजना सार्वजनिक शिक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हर बच्चे को शिक्षा देना राज्य का कर्तव्य संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों में वर्णित है। केंद्र व राज्य सरकार का दायित्व है कि हर बच्चे को बिना भेदभाव गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।
आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बजाए इसे ध्वस्त करने में लगी हुई। सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जबकि आबादी के अनुसार नए स्कूल खोलने चाहिए। सरकारी स्कूलों में दाखिला व मासिक फीस ली जा रही है। सरकार की योजनाएं शिक्षा विरोधी है। इसके विरोध में ही अध्यापक संघर्ष कर रहे हैं। जिला प्रधान संजय ने कहा कि मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।