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Yamuna Nagar News: शिक्षक चुनाव ड्यूटी में व्यस्त, रामलीला के लिए कैसे तैयार होंगे संवाद

Thu, 12 Sep 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जगाधरी। भाषाई शुद्धि, उच्चारण में स्पष्टता, शब्दों का ज्ञान व संवाद में कुशलता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम करवा रहा है। इसी कड़ी में स्कूलों में बाल रामायण भी करवाई जाती है। जिसमें सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे रामलीला का मंचन करते हैं। रामायण के सभी पात्रों की भूमिका बच्चे हीं निभाते हैं। जबकि रामलीला के संवाद शिक्षक तैयार करते हैं। वे इन दिनों शिक्षक चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं। आठ अक्टूबर से पहले बिल्कुल भी फ्री नहीं हो सकते हैं। वहीं, अक्टूबर के पहले दिन से रामलीला शुरू हो जाएगी लेकिन चुनाव होने से इस बार स्कूलों में कार्यक्रम देरी से शुरू होने की संभावना है।
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जानकारी के अनुसार निपुण हरियाणा के तहत जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में रामलीला का मंचन किया जाता है। इसमें स्कूल के बच्चे श्रीराम, सीता सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं। शिक्षक गाइडलाइन के अनुसार इसके संवाद तैयार करते हैं। इन संवाद में प्रयोग किए जाने वाले सरल व प्रभावशाली होने जरूरी है, ताकि बच्चे इनका उच्चारण आसानी से कर सकें और शब्द का वास्तविक अर्थ का भी उन्हें ज्ञान हो। रामलीला मंचन से पहले स्कूल में ही शिक्षक बच्चों की कई दिन रिहर्सल करवा, उन्हें डायलॉग याद करवाते हैं। इस दौरान बच्चों को शब्दों का सरल व सामान्य बोल-चाल की भाषा में अर्थ भी बताया जाता है। रिहर्सल की पांच-छह मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करनी होती है। लेकिन अभी तक इसे लेकर किसी तरह के आदेश नहीं मिले हैं।



चुनाव व परीक्षा के कारण देरी

निपुण हरियाणा के इस कार्यक्रम में विधानसभा चुनाव के कारण देरी हो रही है। चूंकि अधिकांश शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगी है वे ट्रेनिंग व बैठकों में व्यस्त हैं। वहीं सितंबर में सरकारी स्कूलों में सैट के टेस्ट भी लिए जाने हैं। ऐसे में शिक्षकों व बच्चों का ज्यादा ध्यान सैट के टेस्ट पर हैं। हालांकि देशभर में रामलीला का मंचन अक्टूबर में शुरू होगा। विभाग की ओर से भी रामलीला अक्टूबर में दशहरा व दिवाली के आसपास करवाई जाती है। वहीं रामलीला मंचन के लिए विद्यार्थियों को काफी अभ्यास की जरूरत होती है। जिसके लिए कई दिन पहले स्कूलों में पूर्वाभ्यास शुरू हो जाता है। लेकिन चुनाव व टेस्ट के चलते अभी तक विभाग की ओर से इसके लिए निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
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छोटे संवाद से बच्चे होंगे शामिल
बच्चों में भाषा व शिक्षण के प्रति रुचि पैदा करने और अनुभव से सीखने, भाषा कौशल समझने के लिए यह रामलीला करवाई जा रही है। बच्चों को भारतीय मूल व इतिहास के बारे बताने में इससे आसानी होगी। पूर्वाभ्यास में माता-पिता के अलावा समुदायों का भी सहयोग लिया जाएगा। इस रामलीला मंचन की खास बात यह है कि इसमें केवल पहली से पांचवीं के बच्चों को ही शामिल किया गया है। पहली से तीसरी के बच्चों को छोटे-छोटे संवादों से रामायण से जोड़ा जाएगा।


वर्जन
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बाल रामायण करवाई जाती है। प्रदेश में विस चुनाव व स्कूलों में सैट के कारण इसमें देरी हुई है। अभी तक बाल रामायण को लेकर आदेश नहीं आए हैं। अक्टूबर में यह कार्यक्रम शुरू करवाने की उम्मीद है।
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संजीव सैनी, एफएलएन समन्वयक।
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