यमुनानगर। वर्ष 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य देश के प्रत्येक घर को सौर ऊर्जा से जोड़ते हुए सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है। यह जानकारी डीसी प्रीति ने दी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लाभकारी है। इससे उनके ऊर्जा संबंधी खर्च लगभग शून्य हो सकते हैं। उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम, यमुनानगर के अधीक्षक अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि दो किलोवाट का सोलर सिस्टम प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट बिजली पैदा करता है, जिससे महीने में करीब 300 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है। यह एक मध्यम वर्गीय परिवार की जरूरतों के लिए पर्याप्त है और बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध है। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त राज्य अंश भी देने का निर्णय लिया है। तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को दो किलोवाट तक के संयंत्र पर अधिकतम 50 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। संवाद