संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर में संगोष्ठी हुई। संघ से डॉ. चमन धीमान ने शिरकत की। मुख्य वक्ता जिला संघ चालक प्रो. रमेश धारीवाल ने कहा कि अखंड भारत संकल्प दिवस मनाने के लिए हम सभी यहां पवित्र संकल्प के साथ एकत्रित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक तिथि नहीं बल्कि गौरवशाली अतीत की याद, वर्तमान का जागरण व भविष्य का संकल्प है। अखंड भारत केवल भूगोल की परिभाषा नहीं है। यह हमारी संस्कृति, विचारधारा व आत्मा की अखंडता है। कभी यह भूमि हिमालय से सागर तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक और काबुल से लेकर रंगून तक एक ही सांस्कृतिक धारा में बंधी हुई थी।
यहां ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य व आध्यात्मिकता का दीपक एक साथ जलता था। आज हम यह स्वीकार करते हैं कि विभाजन व सीमाएं केवल भौगोलिक रेखाएं हैं, लेकिन हमारी संस्कृति, भाषा, परंपरा व भाईचारे का बंधन सदा अटूट है। अखंड भारत का स्वप्न केवल मानचित्र पर रेखाएं खींचने का नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने, मन को मिलाने, समृद्ध, शक्तिशाली व आत्मनिर्भर भारत बनाने का है।
एकता का प्रसार करते हुए जाति, धर्म, क्षेत्र के भेद मिटाकर भाईचारे को मजबूत करें। इसके अलावा राष्ट्र सेवा करते हुए कर्म, समय व संसाधन राष्ट्र के उत्थान में लगाएं। खंड संघ संचालक सुभाष गौड़ ने कहा कि अखंड भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हम सभी अपने क्षेत्र में ईमानदारी, परिश्रम व देशभक्ति के साथ योगदान देंगे।
हम अलग हो सकते हैं, लेकिन विभाजित नहीं। हम विविध हो सकते हैं, परंतु बिखरे नहीं। हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि राष्ट्र की अखंडता, एकता व गौरव के लिए जीवनभर प्रयासरत रहेंगे। इस मौके पर नवदीप, प्रत्यूष गौड़, मेनपाल, विक्रम, सत्यवान, गुरप्रीत मारवा सक्षम, जसविंद्र धीमान, कविता शर्मा यमुनानगर, कनिका सिंगला, सुनिता मलिक, रीटा, मोनिका आदि मौजूद रहे।