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सावन की मिठाइयों से महकने लगा बाजार

Mon, 27 Jun 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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घ्‍ाेवर - फोटो : ब्यूरो
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प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही बाजार सावन की लजीज मिठाइयों से महकने लगा है। हलवाइयों से लेकर छोटे-बड़े मिष्ठान भंडारों पर घेवर, फिरनी, इमरती व अन्य मिठाईयों के स्टॉल सजे हैं। प्री-मानसून की बरसात के बाद मिठाइयों की मांग भी बढ़ने लगी है। बरसात के बाद मौसम के खुशगवार होने पर लोग मिठाइयों का स्वाद चखने एक बार जरूर पहुंच रहे हैं। दो-तीन दिन छोड़कर हो रही बरसात से बाजार में सावन की मिठाइयों की मांग भी बढ़ रही है।  
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तीज तथा रक्षाबंधन तक रहेगा घेवर-फिरनी का खुमार
जगाधरी के देवीभवन बाजार स्थित मिष्ठान भंडार के संचालक विपुल ने कहा कि सीजन के लिए पहले ही पर्याप्त मात्रा में मिठाई तैयार करने के लिए मैदा, चिनी, खोया मंगवा लिया था। हलवाइयों व मिष्ठान भंडार संचालकों को बरसात होने का इंतजार था। इसके बाद से लोग हलवाइयों व मिष्ठान भंडारों की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। घेवर व फिरनी का खुमार तीज तथा रक्षाबंधन पर्व तक बना रहेगा।

250 से 350 के भाव बिक रहा घेवर
बाजार में मिष्ठान भंडारों पर घेवर व फिरनी के अलग-अलग रेट हैं। कहीं प्रति किलो घेवर का 250 तो कहीं 340 रुपये रेट है। इसी प्रकार फिकी व मीठी फिरनी भी 120 से 150 रुपये के बीच में उपलब्ध है। प्यारा चौक स्थित स्वीट्स हाउस के संचालक ने बताया कि कुछ समय पहले घेवर व फिरनी की डिमांड न के बराबर थी, मगर सप्ताहभर से रुक-रुककर हो रही बरसात के बाद से मांग बढ़ी है। प्रति किलो सिंपल घेवर 200 रुपये और खोये वाला घेवर 240 रुपये में उपलब्ध है। इसी प्रकार प्रति किलो फीकी और मीठी फिरनी के लिए एक ही रेट 120 रुपये तय है।
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एक दिन में बिक रहे 50 से अधिक घेवर
हलवाई बाबूराम ने बताया कि दो दिन पहले तक जहां घेवर और फिरनी की कोई डिमांड नहीं थी। गुरुवार दोपहर बाद हुई बरसात के बाद से डिमांड कई गुना बढ़ गई। डिमांड बढ़ने पर एक दिन में घेवर के लिए 25 किलो मैदा चढ़ गया। एक घेवर के पीस का वजन 200 ग्राम होता है, इस हिसाब से प्रतिदिन की औसत डिमांड 50 घेवर से अधिक है।
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