संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सूबे में कई दिनों से दिव्यांगजनों के दिव्यांगता के प्रमाणपत्र नहीं बन रहे हैं। जिस स्वावलंबन पोर्टल पर दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनते हैं वह नौ दिनों से बंद पड़ा है। प्रमाणपत्र न बनने से दिव्यांगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांग परिजनों के साथ जिला नागरिक अस्पताल में चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारी एक ही रटा रटाया जवाब देते हैं कि फिलहाल पोर्टल बंद पड़ा है।
सरकार के स्वावलंबन पोर्टल पर ही सभी दिव्यांगों के दिव्यांगता के प्रमाणपत्र बनते है। साथ ही पुराने प्रमाणपत्र भी इसी पर नवीनीकरण होते हैं। एक मई से स्वावलंबन पोर्टल बंद पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को बताया गया था कि एक मई से स्वावलंबन पोर्टल को अपडेट किया जाना है। इसलिए छह मई तक पोर्टल बंद रहेगा। परंतु अब तक पोर्टल नहीं चल पाया है। पोर्टल पर केवल एक ही मैसेज आ रहा है कि फिलहाल अपडेट होने तक पोर्टल बंद रहेगा।
दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को लोगों का मेडिकल होता है। मेडिकल से पूर्व स्वावलंबन पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद एक प्रफोर्मा लोगों को दिया जाता है जिस पर बोर्ड में शामिल डॉक्टर अपनी जांच रिपोर्ट दर्ज करते हैं। इसके बाद इसे दोबारा पोर्टल पर अपलोड़ करना होता है। इसके बाद ही प्रमाण पत्र जारी होता है।
प्रत्येक बुधवार को अस्पताल में 60 से 70 लोग अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। वहीं रोजमर्रा में भी आठ से दस लोग प्रमाण पत्र रिन्यु व अन्य कार्यों के लिए आते रहते हैं। परंतु पोर्टल बंद होने से फिलहाल सभी को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। यहां तक की अस्पताल का स्टाफ पहले से बने दिव्यांग प्रमाण पत्रों का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन चेक नहीं कर पा रहे हैं।
अपडेट किया जा रहा पोर्टल को : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि स्वावलंबन पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। पोर्टल केवल यमुनानगर ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में बंद है। जल्द ही पोर्टल अपडेट हो जाएगा। जिसके बाद दिव्यांगों को प्रमाण पत्र बनवाने में कोई परेशानी नहीं होगी।