जगाधरी। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। विभाग की देरी व लचर व्यवस्था के कारण नए सत्र का पहला महीना लगभग बिना किताबों के बितने को है। किताबें न होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही हैं। वहीं, शिक्षकों को भी पढ़ाने में दिक्कत हो रही है। हालात ऐसे हैं कि गुरुजी विद्यार्थियों को किताब न होने के कारण गृह कार्य नहीं दे पा रहे हैं। जबकि विभाग ने नया सत्र शुरू होने से पहले सभी स्कूलों में किताबें पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। परंतु किताबों के संपादन व छपाई में देरी के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने ट्विट करके कहा था कि सभी स्कूलों में 15 अप्रैल तक किताबें पहुंच जाएंगी। मुख्यमंत्री की घोषणा को एक सप्ताह से ज्यादा हो गया है, साथ ही सीएम की दी तिथि से एक सप्ताह ज्यादा हो गया है, लेकिन सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिली है। हालांकि किताबों की सप्लाई शुरू हो गई है, लेकिन जिले में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंची है। बता दें कि जिले के तमाम सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को विभाग की ओर से पुस्तकें दी जाती हैं। हर साल पुस्तकें देने में देरी होती है। परंतु इस बार विभाग ने सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों को पुस्तकें मुहैया करवाने की योजना बनाई थी। परंतु हर बार की तरह इस बार भी इसमें देरी होने लगी है। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी 15 अप्रैल तक पुस्तकें उपलब्ध करवाने का दावा किया था। परंतु योजना व दावे धराशायी हो गए हैं। पुस्तकें न आने से विद्यार्थियों को घर में पढ़ने में परेशानी हो रही है।
करीब 65 हजार के लिए मांगी किताबें
जिला शिक्षा मौलिक विभाग की ओर से पहली से आठवीं तक के करीब 65 हजार विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें मांगी हैं। विभाग की ओर से यह मांग 31 मार्च की एनरोल स्थिति के अनुसार भेजी गई है। जिले में कुल 592 प्राथमिक पाठशालाएं और 324 माध्यमिक विद्यालय हैं। पिछले सत्र में सभी प्राथमिक पाठशालाओं करीब 42000 व माध्यमिक विद्यालयों में 28000 विद्यार्थी थे। जिसमें से करीब सात हजार विद्यार्थी नौवीं कक्षा में चले गए हैं। शेष विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार विभाग की ओर से पुस्तकों की डिमांड भेजी गई है।
वर्जन
जिले के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की ओर से पुस्तकें भेजी जानी है। पिछले सप्ताह के अंत तक आने थीं। परंतु सप्लाई में देरी हो रही है। इस सप्ताह के अंत तक पुस्तकों की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद हैं। इसके लिए सभी स्कूलों के मुखियाओं को आदेश दिए गए हैं।
डॉ. धर्मवीर सिंह, जिला परियोजना सह-समन्वयक।
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