संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10 व 12वीं की परीक्षा के लिए अब केंद्र अधीक्षकों व पर्यवेक्षक को एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। इसके बोर्ड ने पत्र जारी कर आदेश दिए हैं। वहीं पत्र में बोर्ड ने 11 तिथियों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। इन तिथियों में अधीक्षकों को परीक्षा आरंभ होने से एक घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य किया है।
वहीं बोर्ड परीक्षा में केंद्र तैनात अधीक्षक, पर्यवेक्षक व अन्य कर्मचारियों को बोर्ड की ओर से मिला आईडी कार्ड पहन कर रखना जरूरी होगा। यदि इसमें किसी की कोताही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। बोर्ड ने अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि यदि केंद्र के करीब और भीतर कोई परीक्षा में बाधा बनता है, नकल के प्रयास करवाता अथवा उपद्रव करता है तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
इसके अलावा आदेश दिए हैं कि केंद्र में हर विद्यार्थी को गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान गेट पर विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में लगे क्यूआर कोड मोबाइल फोन से स्कैन किया जाएगा। विद्यार्थी का सत्यापन होने के बाद सिटिंग प्लान से बैठाया जाएगा। यही नहीं स्केनिंग के बाद सभी पर्यवेक्षकों के मोबाइल फोन अधीक्षक के पास जमा किए जाएंगे। यह काम परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के भीतर करना होगा। इसके लिए बोर्ड की ओर से पत्र जारी किया गया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वीरवार को 12वीं के अंग्रेजी और शुक्रवार को 10वी के गणित विषय की परीक्षा थी। पुन्हाना, नूंह, पलवल और झज्जर से 15-20 मिनट पहले ही प्रश्न पत्र आउट हो गया। इस घटना के बाद बोर्ड बेहद गंभीर है। इस पर बोर्ड ने शनिवार को सभी केंद्र अधीक्षकों के लिए नए आदेश जारी किए हैं।
प्रश्नपत्र पैकेट की भेजनी होगी फोटो
बोर्ड ने परीक्षा को लेकर वहाटसअप नंबर भी जारी किया है। यह नंबर बोर्ड कार्यालय का है। इस नंबर पर प्रश्नपत्र के सील पैकेट पर सभी ऑब्जर्वर के हस्ताक्षर करवाकर बोर्ड कार्यालय को फोटो भेजनी होगी। यह काम प्रतिदिन किया जाएगा। परीक्षा से करीब 15 मिनट पहले ही पैकेट की सील खोली जाएगी। इस कार्य से पहले सभी पर्यवेक्षकों के मोबाइल फोन अधीक्षक के पास जमा किए जाएंगे। परीक्षा से पहले किसी पर्यवेक्षक को मोबाइल नहीं दिया जाएगा। परीक्षा के बाद ही पर्यवेक्षकों को मोबाइल लौटाए जाएंगे। यदि परीक्षा के दौरान किसी पर्यवेक्षक के पास मोबाइल फोन मिलता है तो केंद्र अधीक्षक व ऑब्जर्वर जिम्मेदार होंगे।
विषय के अध्यापक की नहीं लगेगी ड्यूटी
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी तो उस विषय की ड्यूटी किसी केंद्र पर नहीं लगाई जाएगी। यदि ऐसा होता है तो उस पर्यवेक्षक को कार्यमुक्त कर दूसरे की नियुक्ति की जाएगी। यदि स्टाफ की कमी है तो जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निकटवर्ती जिले से अध्यापक बुला जाएंगे। वहीं, यदि एक कमरे में चार या चार से अधिक यूएमसी केस मिलते हैं तो उस कक्ष के पर्यवेक्षक को कार्य मुक्त किया जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नूंह, पलवल की घटना के बाद बोर्ड ने बोर्ड रहित परीक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसे लेकर बोर्ड ने नए दिशा निर्देशों संबंधी पत्र जारी किया है। बोर्ड के आदेशानुसार परीक्षा करवाई जा रही है। बोर्ड के आदेशों का पालन किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।