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Yamuna Nagar News: गन्ने के रकबा 9,000 एकड़ घटा, चीनी मिल ने घटाया पेराई लक्ष्य

Sat, 08 Nov 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। किसानों के पॉपुलर के प्रति बढ़ते मोह से गन्ने का रकबा लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा सरस्वती चीनी मिल पर भी सीधे तौर पर पड़ रहा है। मिल को कुछ सालों से चीनी बनाने के लिए पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा। इस पर मिल ने केवल 125 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का ही लक्ष्य रखा है। गत वर्ष 160 लाख क्विंटल के मुकाबले 140 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो सकी थी।
गन्ने का उत्पादन कम होने की वजह से ही इस बार चीनी मिल को एक सप्ताह देरी से चलाना पड़ रहा है। पिछले साल 12 नवंबर को मिल में गन्ने की पेराई शुरू हो गई थी। इस बार 18 नवंबर से मिल चलाई जाएगी । 2023 में मिल 31 अक्तूबर को चली थी। अप्रैल 2024 में मिल में 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई थी और लक्ष्य 175 लाख क्विंटल गन्ने का था। इससे पहले 2023 में 157 दिनों तक चली मिल में 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो पाई थी।
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गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट ने 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। 2023-24 में जिले में गन्ने का रकबा 96 हजार एकड़ था, जो इस बार घट कर 76500 एकड़ रह गया है। इस बार बाढ़ से जिला में 2393 एकड़ में गन्ने की फसल को बाढ़ के पानी से नुकसान हुआ है। जिसमें 0 से 25 प्रतिशत नुकसान में 773 एकड़, 26-50 एकड़ में 784 एकड़, 51 से 75 प्रतिशत में 386 एकड़ व 76 से 100 प्रतिशत में 450 एकड़ गन्ने की फसल शामिल है।
पिछले कुछ सालों से किसानों का पॉपुलर लगानेका रुझान ज्यादा बढ़ा है। पहले ज्यादातर किसान गन्ने की फसल के साथ ही पॉपुलर लगाते थे, परंतु अब गन्ना छोड़ सारे खेत में पॉपुलर ही लगा रहे हैं। इससे जिले में गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। गत वर्ष शुगर मिल की स्ट्डी में सामने आया था कि गन्ने का जो कुल रकबा था उसमें 35 प्रतिशत में पॉपुलर के पेड़ लगे थे। इस बार यह 45 प्रतिशत तक जा चुका है।
पॉपुलर लगाने के पहले साल में गन्ने का उत्पादन 25 प्रतिशत कम होता है। दूसरे साल में उत्पादन 100 क्विंटल से भी कम रह जाता है। दरअसल पॉपुलर की बढ़ती कीमतों की वजह से किसानों का इसे लगाने के प्रति मोह ज्यादा बढ़ रहा है। इस साल पॉपुलर का रेट अधिकतम 1800 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया था। जिले में पॉपुलर का रकबा 24 हजार एकड़ तक पहुंच चुका है। इतना ही नहीं पॉपुलर गन्ने की क्वालिटी पर भी असर डालता है। इससे गन्ने से चीनी की रिकवरी में दो प्रतिशत तक कम होती है। संवाद
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यह सही है कि पॉपुलर का रकबा बढ़ने का असर गन्ने की फसल पर पड़ा है। लेकिन यह भी सच है कि पिछले कुछ सालों में जो प्राकृतिक आपदाओं का असर गेहूं, धान व अन्य फसल के मुकाबले गन्ने पर असर कम हुआ है। नुकसान से बचने के लिए किसान गन्ना ज्यादा लगा सकते हैं। गन्ना लगाने वाले किसानों को मिल की तरफ से भी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। - डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेजीडेंट (प्रशासन) एवं कंपनी प्रवक्ता, सरस्वती शुगर मिल।

गन्ने का रकबा एकड़ में

2015-16 - 74,000

2016-17 - 80,000

2017-18 - 99,000

2018-19 - 96,000

2019-20 - 85,000

2020-21 - 85,000

2021-22- 90,000

2022-23 - 97,000

2022-23 - 97,000

2023-24 - 96,000

2024-25 - 85,000

2025-26 - 76,500
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