संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती चीनी मिल में गन्ने की पेराई 18 नवंबर से शुरू होगी। मिल के चीफ एग्जीक्यूटिव एसके सचदेवा ने बताया कि इस वर्ष भी सरस्वती चीनी मिल हरियाणा व पंजाब में सबसे पहले गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत करने वाली शुगर मिल होगी। साथ ही मिल में सबसे पहले गन्ना लेकर आने वाले किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस बार 125 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष 140 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। मिल के चलने से यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के करीब 21 हजार गन्ना उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी। गत वर्ष शुगर मिल 12 नवंबर को चला था। मिल चलने से किसान गन्ने की कटाई जल्द करके खाली खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। हरियाणा सरकार ने इस वर्ष गन्ने का मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
शुगर मिल में यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के गन्ना उत्पादक किसान गन्ना डालते हैं। इनमें सबसे ज्यादा यमुनानगर में 18990 किसान, अंबाला में 1399 व कुरुक्षेत्र में 745 गन्ना उत्पादक किसान हैं। इस वर्ष शुगर मिल द्वारा सरस्वती गन्ना किसान पंजीकरण योजना शुरु की गई है। जिसमें अपना सारा गन्ना मिल में सप्लाई करने वाले किसानों को कई प्रकार की सुविधाएं देने का प्रावधान रखा गया है। अपना गन्ना शुगर मिल में सप्लाई करके किसान शुगर मिल की योजनाओं लाभ उठा सकेंगे।
शुगर मिल ने गन्ने की खरीद के लिए 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर डालेंगे। खरीद केंद्र से शुगर मिल अपने वाहनों में गन्ने को मिल तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकेंगे।
मिल के वाइस प्रेसिडेंट (केन) ने बताया कि मंगलवार से सरस्वती शुगर मिल शुरू हो रहा है। पूजा अर्चना के साथ शुगर मिल शुरू होगा। किसानों को यार्ड में कम से कम समय लगे इसके लिए इस बार भी मिल द्वारा एडवांस टोकन प्रणाली लागू की गई है। जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार स्वयं टोकन नंबर ले सकते हैं ताकि कम से समय में गन्ना सप्लाई कर सके।
पूरा गन्ना शुगर मिल को दें : डीपी सिंह
सीनियर वाइस प्रेजीडेंट (प्रशासन) एवं कंपनी प्रवक्ता डीपी सिंह ने बताया कि किसान भाई अपना पूरा गन्ना शुगर मिल को आपूर्ति करके सहयोग करें। इस वर्ष शुगर मिल की ओर से गन्ना कलैंडरिंग व पर्ची वितरण प्रणाली एवं गन्ना भुगतान प्रक्रिया में भी तब्दीली की गई है।