यमुनानगर। ड्यूटी बदल दिए जाने से गुस्साए अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने वीरवार को अस्पताल में हंगामा कर दिया। कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल गोयल के केबिन के बाहर नारेबाजी की। इससे अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को भी कुछ समझ नहीं आया। हंगामा होने पर वहां लोगों की भीड़ जुट गई। इस नेत्र रोग की ओपीडी भी प्रभावित रही।
इसके बाद जिला नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन दफ्तर के सामने अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने गेट बैठक की। बैठक जिला संयोजक सुमित ऋषि के नेतृत्व में बुलाई गई। बैठक में राज्य सचिव कमल शर्मा पहुंचे। इस दौरान जिला कार्यकर्ता नरेश कुमार ने बताया कि चार नवंबर को देर शाम पीएमओ व आई सर्जन ने कुछ कर्मचारियों के आदेश अस्पताल व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जारी किए थे।
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पत्र में लिखा था कि यदि ये कर्मचारी कार्य नहीं करते तो इनका वेतन काट लिया जाए और इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाए। उन्होंने कहा कि पीएमओ के यह आदेश कर्मचारियों के अधिकारियों का हनन है और अधिकारियों के पास ऐसा करने की शक्तियां नहीं हैं। यह न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का अभाव होने पर भी 120 कर्मचारी ही पूरे सिविल अस्पताल का काम संभाले हुए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।
नेत्र ओपीडी के कुछ अधिकारियों के कहने कर ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर डीजी हेल्थ द्वारा सभी सिविल सर्जन को तीन बार लिखित में आदेश जारी किया जा चुके है कि सभी कर्मचारियों से उनके मूल पद पर ही काम लिया जाए। परंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों को परेशान करना बंद नहीं किया तो संघ बड़ा निर्णय लेने को मजबूर हो जाएगा।