कैंप की शिवनगर कॉलोनी में आग लगने से झुलसे राजबीर की बुधवार को एमएम मुलाना अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में मृतक की पत्नी सविता ने दो लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरोपी उसके पति से उधार में लिए रुपयों के बदले मकान पर कब्जा करना की धमकी दे रहे थे। इससे आहत होकर उसने खुद का आग लगा ली। पुलिस ने आरोपी रणबीर पप्पी व अंकुश गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
राजबीर की पत्नी सविता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार को वह बाजार गई थी। इस दौरान बेटे का फोन आया कि पिता को आग लग गई है। जब तक वह घर पहुंची तब तक उसके पति को अस्पताल भिजवा दिया गया था। सविता ने बताया उन्होंने रणबीर से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बाद जरूरत के मुताबिक वह थोड़े थोड़े पैसे लेती गई। अब कुल अढ़ाई लाख की देनदारी थी। इस दौरान उसने रणबीर के साथ साढ़े सात लाख रुपये में मकान को बेचने का सौदा कर लिया। आरोप है कि उसी दिन से आरोपी कब्जा लेने की कोशिश कर रहा था। मंगलवार को आरोपी रणबीर अपने साथी अंकुश के साथ उसके घर आया। आरोपियों ने उसके घर पर कब्जा लेने की बात कहीं। उसके पति के मना करने पर आरोपियों ने उसे धमकाया। जिससे आहत होकर उसके पति ने आग लगा ली। गंभीर अवस्था में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां से उसे मुलाना रेफर कर दिया। मुलाना में बुधवार को राजबीर की मौत हो गई।
कैंप की शिनवनगर कॉलोनी में मंगलवार को तीसरी मंजिल पर रह रहे राजबीर के मकान में आग लग गई थी। इस दौरान एक गैस सिलिंडर भी फट गया था। तब बताया जा रहा था कि राजबीर ने खुद को आग लगाई है। सिलेंडर फटने के धमाके से दीवार तक टूट गई। सूचना पर फायरब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस दौरान कमरे में रखा पूरा सामान जल चुका था। राजबीर के बेटे ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे मुलाना रेफर किया गया था।
गांधी नगर थाना के कार्यवाहक एसएचओ सतीश कुमार का कहना है कि मामले में दोनों आरोपियों पर आईपीसी की धारा 306 व 34 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।