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कोरोना के डर से बेटी को बाहर जाने से रोकते थे परिजन, दही लाने की बात कहकर घर से निकली और नहर में लगी दी छलांग

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बाड़ी माजरा पुल से शनिवार को शंभू कॉलोनी निवासी 15 साल की लड़की ने छलांग पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। नहर में डूबी किशोरी के दादा का कहना है कि कोरोना महामारी के डर से वह उसे घर से बाहर जाने से रोकते थे। इसी को लेकर वह परेशान थी। शनिवार को दुकान से दही लेकर आने की बात कहकर वह घर से निकली और नहर में कूद गई। पुलिस गोताखोरों की मदद से नहर में किशोरी की तलाश कर रहे है।
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लड़की के दादा ने बताया कि उसकी 15 साल की पौती सातवीं कक्षा में पढ़ती है। कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद है। इसलिए वह घर पर ही रहती थी। कोरोना महामारी के डर से वह उसे घर से बाहर जाने से रोकते थे। इसी बात से नाराज रहती थी। कई बार उसने घर से बाहर जाने की बात कहीं। लेकिन उन्होंने महामारी के डर से उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया। उसने बताया कि दोपहर के समय उसकी पौती 10 रुपये लेकर घर से दुकान पर जाने की बात कहकर निकली थी। वह दुकान से दही लेने की बात कहकर गई थी। लेकिन इसके बाद वह घर पर नहीं आई। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि उसकी पौती ने बाड़ी माजरा पुल से यमुना नहर में छलांग लगा दी। किशोरी के दादा ने बताया कि आज तो घर पर किसी तरह की कोई बात नहीं हुई थी, जिससे उसकी पौती गुस्सा हो। उन्हें नहीं पता था कि उसकी पौती ऐसा कदम उठा लेगी।
पौती के नहर में डूबने की सूचना पर उसके दादा व अन्य परिजन नहर किनारे पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन नहर में पानी अधिक होने के कारण उसकी तलाश करने में परेशानी हुई। इसके बाद पुलिस लाइन से बोट मंगवाई गई। गोताखोरों ने बोट की मदद से नहर में काफी दूर तक किशोरी की तलाश की। कुछ गोताखोरों ने ऑक्सीजन किट पहनकर नहर में गहराई तक तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
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