संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मेन बाजार कैंप में पांच-सात फीट चौड़े फुटपाथ के ज्यादातर हिस्से पर दुकानों का सामान रखा है या वाहन व रेहड़िया खड़े होते हैं। ये हालात जगजाहिर होने के पर भी नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई नहीं हो रही। इस समस्या से कैंप क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों सहित बाहर से आने वाले लोग खामियाजा भुगत रहे हैं। इस पर निगमायुक्त आयुष सिन्हा का कहना है कि संबंधित टीम को कार्रवाई के निर्देश देंगे।
कैंप क्षेत्र दशकों पुराना बसा है। यहां मुख्य मार्ग सहित गलियों में भी थोक व फुटकर की सैकड़ों दुकानें हैं। अतिक्रमण की ज्यादा दिक्कत मुख्य बाजार में है, जहां राहगीरों के पैदल चलने को सड़क के दोनों ओर पांच-सात फीट चौड़ी जगह है, पर इस फुटपाथ के ज्यादातर हिस्से पर दुकानों व फड़ियों का सामान और बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े रहते हैं। जिससे ज्यादा परेशानी पैदल राहगीरों को होती है।
बाजार में कई थोक दुकानें होने से भारी वाहनों की भी आवाजाही रहती है। इससे भी सुबह से शाम तक बार-बार यातायात जाम की स्थिति बनती है। आग लगने की घटना पर दमकल गाड़ी का पहुंचना व किसी मरीज को लाने- ले जाने में एंबुलेंस का निकलना भी मुश्किल होगा। इतने बड़े बाजार में आगजनी से सुरक्षा के लिए रेत भरी बाल्टियां व अन्य संसाधन भी कहीं नजर नहीं आते हैं।
उमेश मेहरा ने कहा कि बाजार में फुटपाथ से पैदल राहगीर आ-जा सके, इसके लिए फुटपाथ के कुछ हिस्से तक फड़ियों व वाहन पार्किंग की हद तय होनी चाहिए। जिसके लिए नगर निगम अफसर यहां पेंट से पट्टी खींच सकते हैं।
राहुल मित्तल ने बताया कि फुटपाथ पर रखा सामान होने से पैदल राहगीरों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे यातायात जाम की स्थिति भी बनती है। ये देख दुकानदारों को खुद जागरूक रहकर सामान दुकानों की हद में रखना चाहिए।
नितिन बाजवा ने कहा कि मेन बाजार कैंप में मुख्य मार्ग काफी चौड़ा होने के बाद भी जाम की स्थिति बनती है, क्योंकि आगे चल रहे वाहन को कभी भी चालक मोड़ देते हैं, जिससे पीछे जाम लग जाता है। इसलिए यहां डिवाइडर बनाया जाए।
अनिल कुमार ने कहा कि मेन बाजार कैंप में अतिक्रमण के अलावा भारी वाहनों से भी सड़क पर यातायात जाम की स्थिति बनती है, इसलिए ऐसे वाहनों की आवाजाही का अलग समय निर्धारित होना चाहिए।