संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब शिक्षा विभाग की ओर से मिले टैबलेट का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग टैबलेट अपडेट कर रहा है। जिससे विद्यार्थी टैबलेट में केवल शिक्षा संबंधी कार्य ही कर पाएंगे। इन टैबलेट में अन्य किसी प्रकार की एप काम नहीं करेगी।
विभाग की ओर से टैबलेट मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप अपडेट किया जाएगा। इस एप के अपडेट होने के बाद टैबलेट में अन्य किसी प्रकार की एप काम नहीं करेगी। वहीं, यदि विद्यार्थी इससे छेड़छाड़ करते हैं, तो विभाग को इसका पता चल जाएगा। विभाग ने टैबलेट का गलत इस्तेमाल होने से रोकने के लिए ऐसा किया है।
विभाग को बार बार शिकायत मिल रही थी कि विद्यार्थी टैबलेट का साॅफ्टवेयर क्रैक करवाकर इसमें प्रतिबंधित साइट सहित फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जहां विद्यार्थियों की आदतें बिगड़ ही रही थीं साथ ही उनके प्रदर्शन व पढ़ाई में रूझान कम हो रहा था।
बता दें कि शिक्षा विभाग की ओर से ई-अधिगम योेजना के तहत जिले के इस साल कुल 23096 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं। इस दौरान 10वी में 7869 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए। वहीं 11वीं में 8323 विद्यार्थियों को और 12वीं में कुल 6904 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं। इसके साथ विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो जीबी डाटा भी उपलब्ध करवाया जाता है।
इस टैबलेट में एमडीएम (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप) से सिक्योर किया गया था। परंतु विद्यार्थियों ने 300 से 400 रुपये खर्च कर बाजार से टैबलेट का सॉफ्टवेयर क्रैक करवा लिया। जिसके बाद विद्यार्थी इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया एप के अलावा ऑनलाइन गेम्स एप का इस्तेमाल कर करने लगे थे। पिछले साल करीब 900 विद्यार्थियों ने टैबलेट का सॉफ्टवेयर क्रैक करवाया था।
एमडीएम का आया लेटेस्ट वर्जन
विभाग की ओर से पिछले साल टैबलेट अपडेट किए थे। परंतु यह एमडीएम का पुराना वर्जन था। अब एमडीएम का लेटेस्ट वर्जन आ गया है। जिसके बाद विभाग ने इससे टैबलेट अपडेट करने का निर्णय लिया है। लेटेस्ट वर्जन से अपडेट करने के बाद इसमें अन्य किसी प्रकार की एप का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि विद्यार्थी इसका सॉफ्टवेयर क्रैक करने का प्रयास करेंगे तो वह संभव नहीं होगा। वहीं, टैबलेट की जांच करने पर इसका पता भी लग जाएगा कि टैबलेट से छेड़छाड़ की गई है। कोई भी विद्यार्थी अवसर और वन स्टूडेंट एप के अलावा अन्य किसी एप का प्रयोग करता है तो इसकी सूचना विभाग को मिल जाएगी।
विभाग की ओर से दिए टैबलेट की एमडीएम से निगरानी की जा रही थी। पुराना वर्जन होने से कई विद्यार्थियों ने इसे क्रैक करवा लिया था। इस संबंध में कई स्कूलों से शिकायतें मिली थीं। लेटेस्ट वर्जन अपडेट करने से दुरुपयोग पर लगाम लगेगी। - कर्णवीर सिंह राठी, जिला गणित विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग।