कैथल। राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को हस्तकला में निपुण बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय एवं कला व सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टाबर उत्सव की शुरुआत सरकारी स्कूल बाता में की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी कैथल डॉ. विजय लक्ष्मी ने बताया कि इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके अंतर्गत कला एवं संस्कृति विभाग के मेंटर विद्यार्थियों को मूर्ति बनाने, क्ले मॉडलिंग, रिलीफ, 3 डी स्कल्पचर आर्ट, वेस्ट मटेरियल से क्राफ्ट बनाना सहित हरियाणवी संस्कृति से संबंधित कलात्मक विषय पर निपुण बनाने के लिए कार्य करेंगे।
स तरह के कार्यक्रम से विद्यार्थियों की प्रतिभा में निखार आता है। जिला कल्चरल कोऑर्डिनेटर सुशील कुमार ने बताया कि विभाग ने इस आयोजन का नाम टाबर उत्सव दिया है। जिसमें 50 विद्यार्थियों को एक जून से 30 जून तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
निदेशालय ने इस आयोजन के लिए विद्यार्थियों को रिफ्रेशमेंट सहित अन्य सहायक सामग्री खरीदने के लिए बजट जारी कर दिया है। जिला कल्चरल कोऑर्डिनेटर सुशील कुमार एवं खंड शिक्षा अधिकारी कलायत सुरेश सिंगला ने बाता स्कूल में पहुंच कर विद्यार्थियों को टाबर उत्सव में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृति का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अधीक्षक सुरेश कौशिक, एफएलएन कोऑर्डिनेटर सुनील दत्त एवं पुरुषोत्तम शर्मा, स्कूल प्रधानाचार्य संजीव मरवा, प्राध्यापक प्रवीण कौशिक व कुलदीप सिंह मौजूद रहे।