संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। जेएमआईटी इंजीनियरिंग महाविद्यालय में सोमवार को ड्रोन बूट शिविर लगाया गया। आयोजन महाविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान व इंजीनियरिंग विभाग ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोबोटिक्स ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के सहयोग से हो रहा है, जो तीन मई तक चलेगा। शिविर में 115 प्रतिभागियों को ड्रोन प्रौद्योगिकी के डिजाइन, नियंत्रण व अनुप्रयोग में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण किट वितरित की गईं। शिविर का उद्घाटन जेएमआईटी रादौर निदेशक डॉ. एसके गर्ग ने किया। उन्होंने भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान के विकास का महत्व बताया।
रोबोटिक्स में विशेषज्ञ एवं पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ता डॉ. संजय कुमार ने ड्रोन डायनेमिक्स व वास्तविक नियंत्रण तंत्र पर अनुभव साझा किए। सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर डॉ. महेश पाल ने ड्रोन तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण पर विचार रखे। सहायक प्रोफेसर डॉ. शेलजा दुआ ने इमेज प्रोसेसिंग व इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसे उभरते क्षेत्रों में ड्रोन के अनुप्रयोगों के बारे में बताया। कार्यक्रम में डॉ. गौरव, डॉ. एलएस रीन, डॉ. विकास जुनेजा, डॉ. नवदीप, कपिल देव, रितु शेरोन, शिल्पा, एर. सिमरन का सहयोग रहा।