संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला चल रहे ग्रीष्मकालीन शिविर के छठे दिन पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पौधरोपण किया गया। इसी दौरान विद्यार्थियों ने चार्ट बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रिंसिपल विनोद कुमार ने बताया कि ग्रीष्मकालीन भारतीय भाषा शिविर भारत सरकार का एक अनूठा शैक्षिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में बहुभाषी कौशल को विकसित करना है। इस पहल का लक्ष्य बच्चों को खेल-खेल में अलग-अलग भारतीय भाषाओं और उनकी संस्कृतियों से जोड़कर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
इसके तहत छात्रों को अपनी मातृभाषा के अलावा किसी अन्य भारतीय भाषा के मूल शब्द, बुनियादी वाक्य, और बोलचाल सीखने का अवसर मिलता है। सांकेतिक भाषा इसमें समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि किताबों के रटने के बजाय रोल-प्ले, वीडियो, कठपुतली, और नुक्कड़ नाटक जैसे रोचक तरीकों से बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसमें करोड़ों स्कूली बच्चे भाग लेते हैं। इस दौरान अध्यापक रवि नागरा, मनोज कुमार, अंकित गर्ग, हिशम सिंह राठी व रजनी गर्ग मौजूद रहे।