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आ गया हड़ताल का दिन, सोच समझ कर निकलें घर से

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हड़ताल - फोटो : ब्यूरो
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यमुनानगर। अगर आप बैंक संबंधित काम या रोडवेज बस से कहीं जाने की सोच रहे हैं, तो ऐसा शायद मुनासिब न हो। आज की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंक और रोडवेज सेवा के साथ स्वास्थ्य, बिजली-पानी जैसी जन सुविधाएं भी प्रभावित रह सकती हैं। संबंधित संगठन हड़ताल को शत-प्रतिशत सफल बनाने की कमर कस चुके हैं।
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उधर, पुलिस व प्रशासन भी हड़ताल से निपटने के लिए तैयार है।

150 शाखाओं के एक हजार कर्मी हड़ताल पर, नहीं होगा लेनदेन
हड़ताल के दौरान जिले के सरकारी बैंकों के भी पूरी तरह से बंद रहने की खबर है। 150 शाखाओं के बैंक कर्मियों के वॉकआउट से बैंकों में लेेन-देन और क्लीयरेंस जैसे कामकाज नहीं हो पाएंगे। जबकि बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हड़ताल से पहले एटीएम पर पर्याप्त कैश मुहैया करवा दिया गया है। हरियाणा बैंक एंप्लायज फेडरेशन के महासचिव जसबीर सिंह ने बताया कि जिले में करीब 150 बैंक शाखाओं के करीब एक हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

हड़ताल के चलते सभी बैंक बंद रहेंगे। किंतु उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रख एटीएम पर पर्याप्त कैश उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
विपिन सरीन, एलडीएम, पीएनबी।

स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बाधित, सिर्फ इमरजेंसी केस देखेंगे:
हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित रहने वाली हैं। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) एसोसिएशन ने हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। इसके अंतर्गत जिले के सरकारी अस्पतालों व सीएचसी, पीएचसी पर कार्यरत करीब 600 कर्मचारी आते हैं। इनमें करीब 50 डॉक्टर, 78 स्टाफ नर्स, 153 एएनएम और 40 एंबुलेंस चालक व अन्य स्टाफ शामिल हैं। एसोसिएशन के प्रधान विजय कांबोज ने कहा कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी केस देखे जाएंगे।
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इसलिए कोई एंबुलेंस चालक हड़ताल में शामिल नहीं होगा और अन्य स्टाफ द्वारा डिलीवरी जैसे केस देखे जाएंगे,  जबकि सामान्य केस नहीं देखे जाएंगे। यानि हड़ताल का असर कुछ हद तक स्वास्थ्य सेवा पर भी पड़ता दिखेगा।

एनएचएम के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, किंतु इमरजेंसी केस के लिए स्टाफ तैनात रहेगा। विभाग का प्रयास रहेगा कि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
विजय गर्ग, सीएमओ, यमुनानगर।

हड़ताल पर पब्लिक हेल्थ के 150 कर्मी, आ सकती है पेजयल दिक्कत:
जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग से भी करीब 150 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जो हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मेकैनिकल वर्कर्स यूनियन के अंतर्गत विभाग में ट्यूबवेल ऑपरेटर, मेनटेनेंस और अन्य फील्ड वर्क से जुड़े हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में लोगों को पेयजल दिक्कत से दो-चार होना पड़ सकता है। चूंकि ट्यूबवेल ऑपरेटर नलकूप चलाने व देखरेख पर नहीं होंगे वहीं, कहीं खराबी आने पर मेनटेनेंस के लिए भी फिल्ड कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मकैनिकल वर्कर्स यूनियन से संबंधित विभाग के कर्मचारियों की गुरुवार को यमुनानगर स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य कमेटी के आह्वान पर जिलास्तर के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहेंगे। मौके पर बांच सचिव वेदप्रकाश, जिला सचिव अनूप राणा, बांच उपप्रधान रामपाल, जिला ऑडिटर अनिल गौरी आदि नेताओं ने संबोधित किया।

अधिकांश ट्यूबवेल ऑटोमेटिक हैं। फिर भी सप्लाई के वक्त और मेनटेनेंस वर्क में कच्चे कर्मचारियों से काम लिया जाएगा।
अरविंद रोहिला, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।

लग सकता है बिजली का भी झटका: बिजली कर्मचारी भी हड़ताल पर है, जिसमें मेनटेनेंस और क्लेर्किल स्टाफ शामिल है। इस कारण लोगों को बिजली का झटका भी झेलना पड़ सकता है। यानि बिजली फाल्ट से कट लगा तो समय पर मेनटेनेंस न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि बिजली निगम द्वारा जरूरत पड़ने पर कच्चे कर्मियों की मदद लेने की बात की जा रही है। जगाधरी के वृद्धाश्रम समीप स्थित सब अर्बन सब डिविजन कार्यालय में हरियाणा कर्मचारी महासंघ (संबंधित अखिल भारतीय कर्मचारी परिसंघ वर्कर यूनियन) के बैनर तले गेट मीटिंग हुई।

इसकी अध्यक्षता यूनिट में सीनियर वाइस प्रधान राजीव मेहता ने की। राजीव मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध देश की ट्रेड यूनियनों ने दो सितंबर की हड़ताल का आह्वान किया है। मौके पर सब यूनिट प्रधान सुरेश कुमार, सचिव जितेंद्र कुमार, देवेंद्र दत्त शर्मा, चंद्रमोहन नंदा आदि मौजूद रहे।

बिजली निगम का पूरा प्रयास रहेगा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न आने दी जाए। इसके लिए हड़ताल के दौरान जो भी उचित कार्रवाई बनेगी, अमल में लाई जाएगी।
आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम।

हड़ताली बोले- नहीं चलने देंगे बसें
रोडवेज का दावा- चलवाएंगे बसें

यमुनानगर। यदि आपका शुक्रवार को रोडवेज बस से यात्रा पर जाने का प्रोगाम है तो आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है। दो सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल में रोडवेज बसों का चक्का पूरी तरह जाम होने की उम्मीद है। सर्व कर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी संघ से जुड़े रोडवेज कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।

वहीं, हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल को कामयाब बनाने की रणनीति बना ली है। इसके तहत कर्मचारी बसों को डिपो से बाहर नहंीं आने देंगे। हरियाणा रोडवेज के बड़े संगठन हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ ने हड़ताल को समर्थन देने की घोषणा की है। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर किरमारा ने बताया कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दिन रोडवेज का पहिया पूरी तरह से जाम रहेगा।

उधर, आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन इस हड़ताल से बाहर है, लेकिन यूनियन नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि हड़ताल को लेकर कर्मचारियों में कोई टकराव नहीं होगा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन बसें चलाने का माहौल उपलब्ध कराएगा तो यूनियन से जुड़े चालक और परिचालक ड्यूटी करेंगे। गौरतलब है कि यमुनानगर डिपो में 170 बसें हैं। डिपो की बसें पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश भी जाती हैं। वहीं, डिपो में करीब 700 कर्मचारी हैं, जिनमें से अधिकतर हड़ताल में शामिल होंगे।  

 अधिक से अधिक बसें चलवाएंगे : जीएम रोडवेज
यमुनानगर रोडवेज के जीएम रविंद्र पाठक ने कहा कि बसें चलवाने के लिए पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं। रोडवेज वर्कशाप और बस अड्डे पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि अधिक से अधिक बसें सड़कों पर चलें।

हड़ताल को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिले में लगाई धारा-144
जिलाधीश डॉ. एसएस फूलिया ने बताया कि दो सितंबर को सर्व कर्मचारी संघ और सभी राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस दौरान शरारती और असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी/गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

इसलिए दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश डॉ. फूलिया ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आगामी उपाय किए जाएंगे। कोई भी प्रतिनिधि जिले के सार्वजनिक स्थानों पर न तो कोई जनसभा कर सकेंगे और न ही चार या चार से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित होंगे।

जिले के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के घातक हथियार जैसे तलवार, बरछा, भाला, लाठी, चाकू और अन्य किस्म के हथियार (सिख समुदाय के प्रतीक कृपाण को छोड़कर) लेकर चलने पर पूर्ण रूप से दो सितंबर तक के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश पुलिस और अन्य ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।
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