छोटी लाइन पर घूमते लावरिस कुत्ते। संवाद
यमुनानगर। जिले में दूसरे दिन भी लावारिस कुत्तों ने पांच साल के बच्चे समेत 8 लोगों को अपना शिकार बनाया। सभी को ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां पर मरहम पट्टी और रैबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
लगातार कुत्तों के काटने के मामले सामने आने से लोगों में दहशत है। क्योंकि दो दिन से रोजाना 10-10 लोगों को कुत्तों ने काटा है। जबकि इससे पहले रोजाना तीन से चार केस ही सामने आ रहे थे।
वहीं शहरवासियों में प्रशासन की अनदेखी से रोष है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। केवल टेंडर लगा दिया गया है, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी एजेंसी ने अभी तक शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य शुरू नहीं किया है। वहीं दो चार साल की एक बच्ची को गाय ने और 11 साल के बच्चे को बंदर ने काटा है। दूसरे दिन लावारिस कुत्तों ने शहर के प्रेम नगर में 40 साल के जगत, बैंक कॉलोनी में पांच साल की एकांशी, मॉडल टाउन के 10 साल के सौरभ को, शहर में रहने वाले सहारनपुर के 26 साल के सावेज को, प्रोफेसर कॉलोनी में 50 साल के राजेश कुमार को और ग्रामीण क्षेत्र में महमदपुर गांव में के 25 साल के सारिज को और झींझरो गांव के 40 साल के जगत राम को काटा है। वहीं बूड़िया में चार साल की अफशा को गाय ने और मॉर्डन कॉलोनी में 11 साल के सुनील को बंदर ने काटा। शहर में कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या 25 हजार से ज्यादा हो सकती है। लावारिस कुत्ते कॉलोनियों में सारा दिन गलियों में बैठे रहते हैं।
कुत्ते गली में आराम से बैठे रहते हैं, लेकिन जैसे ही कोई इनके पास से निकलता है तो यह अचानक हिंसक होकर हमला कर देते हैं। लावारिस कुत्ते सारा दिन लोगों के गेट के आगे बैठे रहते हैं। कई बार तो इनकी वजह से लोग अपने घरों से बाहर ही नहीं निकल पाते। खासकर बुजुर्गों व बच्चों का तो अपने घरों से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है। संवाद