यमुनानगर। जिला में एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में चिकित्सकों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। 94 में से 74 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। 20 चिकित्सक ही उपस्थित रहे। वहीं सिविल सर्जन ने 71 चिकित्सकों की छुट्टी को रद्द कर दिया है। इन चिकित्सकों ने छुट्टी की अर्जी भेजी थी।
प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 25 में से 21 चिकित्सक भी हड़ताल पर चले गए हैं। इसलिए इन सभी को भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग तो दावा कर रहा है कि ओपीडी में आए मरीजों का पूरा उपचार हो रहा है। वहीं सच्चाई यह भी है कि बाहर से आए ज्यादातर डॉक्टर केवल मरीजों की पहली पर्ची पर लिखी दवा को ही रिपीट करते दिखे। इससे मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा है।
चिकित्सकों की हड़ताल से अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। एक तो मरीजों का रूटीन चेकअप नहीं हो रहा है। दूसरा जो डॉक्टर भर्ती हैं उन्हें देखने के लिए एक दिन कोई डॉक्टर आ रहा है तो दूसरे दिन दूसरा आता है।
ऐसे में मरीज को पता ही नहीं चल रहा कि उनकी बीमारी में कितना सुधार है। क्योंकि जो डॉक्टर चेकअप के लिए आते हैं वह अलग-अलग राय देते हैं। वहीं जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं उनके ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं। दो दिनों में जिला नागरिक अस्पताल में 151 एक्सरे, 15 अल्ट्रासाउंड, 25 डायलिसिस, सात पोस्टमार्टम, 11 मेडिकल, 55 इमरजेंसी चेकअप, जिलेभर में 3644 ओपीडी हुई है। ओपीडी प्रभावित न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष विभाग से 13 डॉक्टर, एमएम मुलाना से 19, एनएचएम के 26 और ईएसआई से 7 डॉक्टरों को बुलाया है। संवाद हड़ताल की वजह से जिले में ओपीडी काफी घट गई है। दो दिनों में जिलेभर में केवल 3644 मरीजों की ही ओपीडी हो पाई है। ओपीडी में 10 से 15 प्रतिशत की कमी हो गई है। जिला नागरिक अस्पताल में 46 में से 33, जगाधरी अस्पताल में 15 में से 13, हुडा डिस्पेंसरी में एक में से एक, सीएचसी प्रतापनगर में तीन में से तीन, सरस्वतीनगर में दो में से दो, रादौर में पांच में से तीन, नाहरपुर में चार में से चार, छछरौली में तीन में से तीन, व्यासपुर में 10 में से 9, अकबरपुर में तीन में से तीन डॉक्टर हड़ताल पर रहे।
सहायता शिविर के दौरान मौजूद एसोसिएशन के पदाधिकारी। प्रवक्ता
सहायता शिविर के दौरान मौजूद एसोसिएशन के पदाधिकारी। प्रवक्ता
सहायता शिविर के दौरान मौजूद एसोसिएशन के पदाधिकारी। प्रवक्ता