क्षेत्र के गांव बनियावाला में बुधवार रात को असामाजिक तत्वों ने शिवमंदिर
में तोड़फोड़ कर दी और मंदिर की बाड़ को गिरा दिया। इससे गांव में तनाव की
स्थिति उत्पन्न हो गई।
तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर
स्थिति संभाली। वीरवार सुबह गांव के लोग मंदिर में पहुंचे तो वहां
तोड़फोड़ की गई थी और मंदिर की बाड़ गिरी पड़ी थी। यह खबर फैलते ही गांव के
लोग मंदिर में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने असामाजिक तत्वों और प्रशासन के
खिलाफ नारेबाजी की।
इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने पर थाना प्रभारी तुरंत
मौके पर पहुंच गए। यह मामला लोगों की आस्था से जुड़ा होने के कारण तहसीलदार
छछरौली महिंद्र सिंह और डीएसपी सुरेश कौशिक भी मौके पर आ गए। मामला दो
समुदाय से जुड़ा होेने के कारण किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस
बल भी गांव में पहुंच गया।
ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपना रोष
प्रकट करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे किए हैं।
डीएसपी ने मंदिर में तोड़फोड़ के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का
आश्वासन दिया। इसके बाद डीएसपी और तहसीलदार की मौजूदगी में पंचायत हुई।
इसमें दोनों पक्ष शामिल हुए। इसमें यह निर्णय हुआ कि दूसरा पक्ष तोड़ी गई
तार बाड़ को ठीक करवाएगा और मंदिर की जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
दोनों पक्षों में समझौता हो जाने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
पंचायत में चौपाल बनाने का हुआ था फैसला
ग्रामीण
पवन कुमार, सुलेख चंद नंबरदार, रमेश नंबरदार, धर्मपाल पंच, रामजतन, करनेश,
अमरनाथ आदि ने बताया कि मंदिर के साथ खाली पड़ी जमीन को लेकर गांव में
विवाद चल रहा है। गांव वालों का कहना है कि जमीन मंदिर के नाम है। उक्त
जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर जमीन पर उपले और कुरड़िया
डाल रखी है। इसकी वजह से मंदिर के आसपास गंदगी फैली है।
मंदिर के पास गंदगी
की वजह से मंदिर का वातावरण दूषित हो रहा हैै। ग्रामीणों ने अवैध कब्जा
करने वालों से कई बार आग्रह किया कि मंदिर के आसपास गंदगी न डालें। इस बात
को लेकर बुधवार को गांव में पंचायत हुई थी। इसमें फैसला हुआ कि खाली पड़ी
जमीन से कुरड़िया हटा कर वहां पर चौपाल का निर्माण कराया जाएगा। इस पर गांव
के सरपंच, पंच और मौजिज लोगों ने अपनी सहमति जताई थी। लेकिन रात को
असामाजिक तत्व ने मंदिर में तोड़फोड़ की और मंदिर के साथ लगती विवादित जमीन
की तार बाड़ को गिरा दिया।