सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना लोगों और प्रशासन के गले की फांस बनती जा
रही है। पहले जहां योजना में शामिल होने के लिए लोगों को खूब दौड़धूप करनी
पड़ी और प्रशासन को भी योजना को क्रियान्वित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर
लगाना पड़ा।
योजना को शुरू हुए करीब पांच माह ही हुए हैं इस दौरान लोगों को
राशन कम दिक्कतें ज्यादा मिली हैं। इन दिनों योजना के पात्रों की दोबारा
से पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें पात्रों को शपथ पत्र
जनप्रतिनिधि व राजपत्र अधिकारी से सत्यापित कराकर देना पड़ रहा है।
इतना ही
नहीं ग्रामीण क्षेत्र में पटवारी व नगर निगम क्षेत्र में ईओ से संपत्ति की
शिनाख्त भी करानी पड़ रही है। इसको लेकर कई दिनों से निगम कार्यालय में
सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वीरवार को तो हालात ऐसे बन गए कि
सत्यापित कराने के लिए पहुंचे लोगों ने हल्ला कर दिया। इस कारण निगम
अधिकारियों को मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। सत्यापित के लिए पहुंचे लोगों
में सरकार के प्रति काफी गुस्सा भी देखने को मिला। कई महिलाएं तो निगम
कार्यालय में अव्यवस्था के चलते सरकार के साथ साथ निगम अधिकारियों को भी
कोसती नजर आई।
ऐसे लगाने पड़ रहे चक्कर
निगम कार्यालय में
सत्यापित कराने के लिए लाइन में लगे वार्ड नंबर 20 के जितेंद्र कुमार,
हरीमोहन, सुनील कुमार, सुरेंद्र सिंह और जयप्रकाश ने बताया कि सुबह साढ़े
नौ बजे लाइन में लगे हैं। लेकिन अभी भी नंबर नहीं आया है। उनका कहना है कि
पहले तो डिपो होल्डर से फार्म लेना पड़ा। उसके बाद 21 बिंदुओं के शपथ पत्र
को भरा और उसके बाद पार्षद से सत्यापित कराया। अब यहां पर लाइन में लगे
हैं। उनका कहना है कि यह योजना उनके लिए जी का जंजाल बन गई है। इस बार आईडी
प्रूफ के साथ-साथ आधार कार्ड और प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद भी लगानी पड़ रही
है। उनका कहना है कि पहले आधार कार्ड नंबर लिंक कराने के लिए गैस एजेंसी
पर इसी तरह से लाइन में लगना पड़ा था। अब खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ने के
लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
राशन के लिए भी लगाते हैं चक्कर
लोगों
का कहना है कि शपथ पत्र को सत्यापित कराने के लिए जिस प्रकार चक्कर लगाने
पड़ रहे हैं, उसी प्रकार राशन लेने के लिए भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
योजना को शुरू हुए पांच माह हो गए हैं। लेकिन पांच बार राशन भी नहीं मिला
है, वहीं सरकार की ओर से दाल देने की बात कही गई थी वह तो एक बार ही मिली
है वह भी बहुत कम लोगों को मिली है। उनका कहना है कि राशन डिपो पर आया है
या नहीं इसके लिए भी कई-कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। जब राशन आ जाता है तो
डिपो पर घंटों लाइन में लग राशन लेना पड़ता है।