मानसून की दस्तक से जगाधरी के पटड़ी मोहल्ला से बुड़िया चौक तक के स्टोर्म वाटर सीवर प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
दो दिन से जारी बरसात से विभाग पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गड्ढों में पानी भरने पर काम रोक दिया गया है। उधर, मौसम विशेषज्ञों की मानें तो सप्ताहभर तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
दो दिन की बरसात से ही मार्ग कीचड़नुमा तालाब में तब्दील हो चुका है। आगे मानसून के पूरी तरह परवान चढ़ने पर मार्ग के दोनों ओर करीब 300 दुकानदारों सहित दर्जनों कॉलोनियों के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी होती दिखाई दे रही है।
जबकि ‘अमर उजाला’ ने 23 जून के अंक में खबर के जरिये मानसून की बरसात से प्रोजेक्ट के लटकने और उससे क्षेत्रवासियों को होने वाली परेशानी के प्रति आगाह कर दिया था।
बता दें कि जगाधरी के पटड़ी मोहल्ला से बुड़िया चौक तक के मार्ग पर दोनों ओर दर्जनों कॉलोनियों हैं। जिनसे निकलती नालियों और सीवरेज के जरिये गंदा पानी मार्ग के दोनों ओर बने नालों व नालियों में पहुंचता है।
इस मुद्दे को वार्ड के पार्षद मौजी सेठी द्वारा कई माह से हाउस की मीटिंग में उठाया जा रहा था। प्रशासन ने करीब 70 लाख रुपये मंजूर किए।
जिससे पटड़ी मोहल्ला से बुड़िया चौक तक तक करीब 1200 मीटर लंबी पाइप बिछाई जानी है। जिसके तहत बीती 19 जून से दो सप्ताह तक काम चालू था लेकिन मंगलवार और बुधवार को मानसून की पहली बरसात से पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गड्ढों में पानी भरने से काम को बीच में रोकना पड़ा।
समस्या सुलझाने के बजाय बिगाड़े हालात
स्ट्रोम वॉटर सीवर प्रोजेक्ट पानी की निकासी क्षमता बढ़ाने पर आधारित है। चूंकि बुड़िया चौक से पटड़ी मोहल्ला मार्ग पर दोनों ओर दर्जनों कॉलोनियों के पानी की निकासी के लिए बने नाले की क्षमता बरसाती सीजन की डिमांड के मुताबिक कम है।
प्रोजेक्ट के तहत पटड़ी महोल्ला से बुड़िया पुलिस चौकी तक 500 मीटर लंबाई तक 600 एमएम और बुड़िया पुलिस चौकी से बुड़िया चौक तक 965 मीटर लंबाई तक 700 एमएम के पाइप डालनी है। साथ ही इन पाइपों के साथ मार्ग के दोनों ओर लगते नालों को टैब कर किया जाएगा।
जिससे बरसाती सीजन में नाले ओवरफ्लो नहीं होंगे और उनका पानी स्ट्रोम वॉटर सीवर लाइन के जरिए बुड़िया चौक पर बने पंपिंग स्टेशन तक पहुंचेगा।
विभाग की कवायद तो जलभराव की दिक्कत को दूर करने की थी लेकिन मंगलवार और बुधवार दो दिन हुई बरसात में हालात और अधिक बिगड़ गए और मार्ग कीचड़ के तालाब में बदल गया। आगे मानसून के पूरी तरह परवान चढ़ने पर क्या हालात होंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
नहीं हुआ सही समय का चयन: जगाधरी के पटड़ी मोहल्ला से बुड़िया चौक तक स्टार्म वाटर सीवर प्रोजेक्ट से क्षेत्र में जलभराव की दिक्कत से निजात दिलाने की कवायद थी।
योजना अच्छी थी लेकिन इस कार्य के लिए सही समय का चयन न होने से इस बार जलभराव को लेकर हालात और अधिक बिगड़ते दिख रहे हैं।
दो सप्ताह पहले जब प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू किया गया तो वार्ड के पार्षद ने माहभर में काम को पूरा कराने का दावा किया। जबकि विभाग का कहना था कि इस काम के लिए कम से कम तीन-चार माह लग सकते हैं। अगर विभाग को पहले से ही यह पता था कि काम में कई माह लगेंगे तो मानसून के करीब आने पर ही प्रोजेक्ट कार्य क्यों शुरू हुआ। यह बात सोचने पर मजबूर करती है।
प्रोजेकट अटका तो होगी मुसीबत: प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से आने वाले मानसून की बरसात के दिनों में जगाधरी के पटड़ी मोहल्ला से बुड़िया चौक के दोनों ओर लगती दुकानों और आसपास की भगतपुरा, पटरी मोहल्ला, विश्कर्मा कॉलोनी, कल्याण नगर, मधुबन, भगीरथ, लक्ष्मी नारायण, श्रीनगर कॉलोनी के लोगों के लिए मुसिबत बढ़ेगी।
दुकानदार रमेशचंद, अविनाश, भूपेंद्र ने बताया कि प्रोजेक्ट कार्य के लिए मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिसके कारण सैकड़ों दुकानदार दुकानें बंद कर घर बैठ गए हैं जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है।
अगर अब यह प्रोजेक्ट बारिश के कारण अधर में लटकता है, तो उनके लिए गुजर-बसर करना भी मुश्किल हो जाएगा। उधर, मार्ग के दोनों ओर लगती दर्जनों कॉलोनियों के लोगों को भी शहर की ओर आने-जाने के लिए दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है।
मौजी सेठी, पार्षद, वार्ड नंबर-4 का कहना है कि प्रशासन की ओर से स्ट्रोम वॉटर सीवर प्रोजेक्ट के लिए करीब 70 लाख रुपये मंजूर हैं। इसके तहत पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द से जल्द पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।