प्लाइवुड फैक्टरी में काम के दौरान मशीन में हाथ आने से किशोर की अंगुलियां कटने के मामले में बाल मजदूरी के शक पर चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट की टीम ने डीसी की अनुमति से फैक्टरी में रेड मारी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्टरी से कम उम्र के तीन लड़कों को बाल मजदूरी करते पकड़ा। जिन्हें टीम ने बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है।
बता दें कि मंगलवार को गांव रायपुर स्थित गलेक्सी प्लाइवुड में काम करते यूपी के अमेठी में गांव पलान निवासी राम रुदल का मशीन में हाथ फंस गया था।
जिससे उसके हाथ की चार अंगुलियां कट गईं। फैक्टरी मालिक द्वारा उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ले जाने से मना कर प्राइवेट अस्पताल में ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन बालक का जीजा महेश कुमार उसे यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर ले पहुंचा।
जहां अस्पताल के स्टाफ द्वारा इस बारे में पुलिस को सूचित किया गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बालक के घायल होने की वजह जानने के बाद मामले को बाल मजदूरी का मानते इस बारे में जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को अवगत कराया।
यूनिट की टीम ने घायल के बयान लेने पर फैक्टरी में और भी कई बालकों से मजदूरी लेने की बात सामने आई। इस पर यूनिट द्वारा फैक्टरी पर रेड के लिए डीसी से अनुमति मांगी।
बुधवार को इस संबंध में अनुमति मिलने के बाद टीम ने बाल संरक्षण अधिकारी डॉक्टर रिचा के नेतृत्व में थाना सदर पुलिस के साथ फैक्टरी में रेड मारी।
टीम में शामिल लीगल ऑफिसर रंजन शर्मा ने बताया कि फैक्टरी में छापामारी के दौरान मौके पर काम कर रहे भोपाल के अमित, बंगाल के साहिंद्र और यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी शोयब की उम्र कम होने पर उन्हें बाल मजदूरी की आशंका के चलते कब्जे में ले लिया गया।
टीम ने तीनों लड़कों को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया है। अब समिति द्वारा तीनों के मेडिकल कर उनकी उम्र की पुष्टि करेगी।
रंजन शर्मा के मुताबिक यदि लड़कों की उम्र कम पाई जाती है तो फैक्टरी संचालक के चालान के लिए लेबर कोर्ट में मामला भेजा जाएगा और नाबालिग जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीम को देख ढाबे से भाग गया लड़का: जैसे ही चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट की टीम फैक्टरी में छापामारी की कार्रवाई करने के दौरान खजूरी रोड स्थित ढाबा पर पहुंची, तो टीम की नजर वहां काम कर रहे एक कम उम्र के लड़के पर पड़ी। टीम ने तुरंत वीडियोग्राफी कर मौके का जायजा लिया, किंतु टीम को देख ढाबे पर काम कर रहा लड़का मौके से भाग निकला, जिसकी पहचान ढाबा मालिक ने सोनू के रूप में बताई है।