संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जीवन प्रसंगों का रसपान किया। कथा व्यास साध्वी जयंती भारती ने कहा कि प्रभु का अवतार केवल अधर्म और अत्याचार का अंत करने के लिए ही नहीं, बल्कि मानव को जीवन के वास्तविक उद्देश्य से परिचित कराने के लिए भी होता है।
साध्वी ने कहा कि कथा केवल भजनों का गायन नहीं, बल्कि मानव जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने का माध्यम है। भगवान श्रीकृष्ण निराकार ब्रह्म के स्वरूप हैं, जो समय-समय पर धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसी बुराइयों से ग्रस्त मानव समाज को सन्मार्ग पर लाने के लिए ही प्रभु अवतार धारण करते हैं।
कृष्ण जन्म और नंद महोत्सव के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु ब्रजवासियों की तरह झूमते और नाचते नजर आए। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, हक की आवाज संगठन के अध्यक्ष कुलवंत सैनी तथा भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान पवन सैनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर हुसन लाल, सुभाष, पूर्णचंद, अनिल, सतपाल, प्रमोद, सतीश, रामपाल, रमेश और मेम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।