जगाधरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण 15 से 30 अगस्त तक जिले के नौ गांवों और क्षेत्रों में विशेष कानूनी साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित करेगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों को कानूनी अधिकारों, निशुल्क कानूनी सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
प्राधिकरण की सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमित्रा कादियान ने बताया कि ये शिविर पूरे अगस्त माह में चलेंगे। उन्होंने कहा कि पांडो, अंबवाला, मधु कॉलोनी यमुनानगर, हरिपुर कॉलोनी, कैंप यमुनानगर, व्यासपुर, भेड़थल और बिजौली सहित नौ स्थानों पर ये शिविर लगाए जाएंगे। इन आयोजनों में राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया और मौलिक कर्तव्य जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। दहेज निषेध कानून और घरेलू हिंसा अधिनियम पर भी चर्चा होगी। किशोर न्याय अधिनियम, पीड़ित मुआवजा योजना और पॉक्सो अधिनियम की भी जानकारी उपलब्ध होगी। स्थायी लोक अदालत और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, नालसा सहायता नंबर 15100 और निशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया के बारे में भी बताया जाएगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कादियान ने लोगों से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। इससे वे अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उपलब्ध विधिक सेवाओं के बारे में भी जान पाएंगे। शिविरों का संचालन हरप्रीत सिंह, अंजू रानी, गुरमीत सिंह, शिवम सोंधी, परविंद्र सिंह, बीर सिंह, अमिता और यशराज जैसे विशेषज्ञ करेंगे। यह अभियान आम जनता को कानूनी रूप से सशक्त बनाने में सहायक होगा।
शिविरों में राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया, मौलिक कर्तव्य, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र, दहेज निषेध कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, पीड़ित मुआवजा योजना, स्थायी लोक अदालत, पॉक्सो अधिनियम और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और नि:शुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया के बारे में भी बताया जाएगा। सीजेएम ने लोगों से अपील की है कि वे शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी प्राप्त करें।
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