यमुनानगर/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश से लगती प्रदेश की सीमा पर गुरुवार को भारी बरसात से सोम नदी उफान पर आ गई। हालांकि घाड़ क्षेत्र में बारिश नहीं हुई, बावजूद इसके सोम नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा गया। इससे नदी से लगते गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। नदी के उफान पर आते ही प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए तुरंत अलर्ट जारी कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक उफान पर रहने के बाद नदी का जलस्तर कम हो गया। अधिकारियों के मुताबिक नदी में करीब 13 हजार क्यूसिक पानी आया।
सोम नदी में अचानक उफान आने से सबसे अधिक खतरा नदी के समीप स्थित गांव माजरा, बनकट, भमनौली, दयालगढ़, मुजाफ्त, अली शेरपुर, खानूवाला, उधमगढ़, मलिकपुर, चंतपुर, तिहानो सहित दो दर्जन गांवों को होता है। इन गांवों के खेतों में पानी आने से फसल जलमग्र हो जाती है। सबसे अधिक खतरा गांव खानू वाला में है। यहां हर साल सोम नदी का पानी गांव की ओर रूख कर जाता है व गांव की गलियों में दो-तीन फुट पानी जमा हो जाता है। हालांकि वीरवार को सोम नदी में आए उफान ने खेतों का रुख नहीं किया। लेकिन ग्रामीण घबराए हुए हैं।
आदिबद्री में 2010 के बाद आया इतना पानी
पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से आदिबद्री से गुजर रही नदी में अचानक उफान आ गया। आदिबद्री से केदारनाथ मंदिर को जोडने वाले पुल के ऊपर से पानी गुजरने लगा। पानी को पुल के ऊपर से गुजरता देख श्रद्धालु पुल के दोनों ओर रुक गए। करीब 25 मिनट के बाद पानी पुल से नीचे बहने लगा। केदारनाथ मंदिर के महंत राजेश्वर शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2010 में आदिबद्री में इस नदी मेें ऐसा ही उफान आया था।
दूसरी नदियां भी बरपा सकती हैं कहर
यदि पहाड़ों पर बारिश जारी रही तो सोम नदी के साथ अन्य बरसाती नदियां भी कहर बरपा सकती है। सोम नदी के उफान पर आने से कभी भी नदी का पानी पास लगते गांवों व किसानों की धान, गन्ने व चेहरी की फसल को बर्बाद कर सकता है।